पंजाब कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह ने सोमवार को जंडियाला गुरु पहुंचकर सरकारी शिक्षक मास्टर जगदीप सिंह के परिवार से मुलाकात की। एक जून को दिनदहाड़े गोलियों का शिकार हुए जगदीप सिंह के परिजनों ने आरोप लगाया कि स्कूल में नशा बेचने की कोशिश करने वालों का विरोध करने के कारण उनकी हत्या की गई। कांग्रेस नेताओं ने परिवार को इंसाफ की लड़ाई में साथ देने का भरोसा दिया। परिजनों के अनुसार, मास्टर जगदीप सिंह जिस स्कूल में ड्राइंग पढ़ाते थे, वहां कुछ असामाजिक तत्व नशा बेचने की कोशिश करते थे। वह बच्चों को नशे से बचाने के लिए इसका विरोध करते थे। परिवार का आरोप है कि इसी कारण नशा तस्कर उनसे रंजिश रखने लगे थे। जगदीप सिंह की उस समय गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी, जब वह अपनी बेटी को छोड़ने जा रहे थे। परिवार ने हत्याकांड में गांव के सरपंच और कुछ प्रभावशाली लोगों की संदिग्ध भूमिका होने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि मामले में नामजद मुख्य आरोपी एक कैबिनेट मंत्री के निजी सहायक का नजदीकी रिश्तेदार है। इस कारण जांच प्रभावित हो रही है। जंडियाला क्षेत्र में 50 से अधिक हत्याओं का दावा : परगट सिंह ने पंजाब की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि गैंगस्टरवाद और फिरौती के मामले बढ़ रहे हैं। उन्होंने सीमा पार से ड्रोन के जरिये नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। कांग्रेस के प्रदेश वर्किंग प्रधान सुखविंदर सिंह डैनी बंडाला ने दावा किया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में जंडियाला विधानसभा क्षेत्र में 50 से अधिक हत्याएं हुई हैं। कांग्रेस नेताओं ने मास्टर जगदीप सिंह को शहीद का दर्जा देने, परिवार को उचित मुआवजा और मामले की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। इस दौरान पूर्व उपमुख्यमंत्री ओम प्रकाश सोनी, डॉ. राज कुमार और अनिल जोशी समेत कई नेता मौजूद रहे।