प्रवासी पंजाबियों (एनआरआई) की लंबित शिकायतों और समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से पंजाब सरकार की ओर से अमृतसर में विशेष ‘एनआरआई मिलनी’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता एनआरआई मामलों के कैबिनेट मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने की। इस दौरान अमृतसर, तरनतारन, गुरदासपुर और पठानकोट जिलों के एनआरआई तथा उनके परिजनों ने भाग लेकर अपनी शिकायतें दर्ज कराईं। मिलनी में पुलिस और सिविल प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, एडीजीपी स्तर के अधिकारी, संबंधित जिलों के डीसी और एसएसपी भी मौजूद रहे। डॉ. रवजोत सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विदेशों में रहने वाले पंजाबियों को अपनी पैतृक संपत्ति, जमीन या पारिवारिक विवादों के समाधान के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। मंत्री ने बताया कि मौके पर ही हल किए जा सकने वाले मामलों का तुरंत निपटारा किया गया, जबकि जांच वाले मामलों के लिए अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। कार्यक्रम में 60 से अधिक शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें अधिकतर मामले जमीन-जायदाद पर कथित अवैध कब्जों, राजस्व विभाग से जुड़े विवादों और पारिवारिक मामलों से संबंधित थे। विदेशों में रह रहे एनआरआई को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी कार्यक्रम से जोड़ा गया। वहीं, कई पीड़ित परिवारों ने अपनी समस्याएं सीधे मंत्री के समक्ष रखीं। जंडियाला गुरु से पहुंची एक महिला ने अपने बेटे की कोठी पर कथित अवैध कब्जे की शिकायत की, जबकि फतेहगढ़ चूड़ियां क्षेत्र के एक व्यक्ति ने दुकानों और मार्केट की जमीन पर कब्जे के प्रयास तथा धमकियों का आरोप लगाया। डॉ. रवजोत सिंह ने कहा कि एनआरआई संपत्तियों से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रवासी पंजाबियों के अधिकारों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है।