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सतना में बाढ़ का असर: घर तक नहीं पहुंच सका वाहन, बीमार किसान को चारपाई पर लादकर ले गए परिजन

Thu, 03 Sep 2026 05:08 PM IST
सतना ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सतना

सतना जिले में लगातार बारिश के बाद बाढ़ और जलभराव का असर अब गांवों में जनजीवन पर साफ दिखाई देने लगा है। रघुराजनगर तहसील के सोहास गांव से सामने आई तस्वीरें ग्रामीण इलाकों की मुश्किलों को बयां कर रही हैं। बाढ़ के कारण रास्तों पर पानी भर जाने से वाहन घर तक नहीं पहुंच सका, जिसके बाद बीमार परिजन को उसके परिवार वालों ने चारपाई पर लादकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया। जानकारी के मुताबिक गांव निवासी किसान जगन्नाथ सिंह की अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। परिवार को उन्हें इलाज के लिए ले जाना था, लेकिन बाढ़ के पानी के कारण घर तक वाहन पहुंचने का रास्ता बंद था। ऐसे में परिजनों के सामने उन्हें चारपाई पर ले जाने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा।

बाढ़ ने बढ़ाई ग्रामीणों की मुश्किलें 
सोहास गांव में जलभराव के कारण सामान्य आवागमन प्रभावित हुआ है। कई स्थानों पर पानी भरने से ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सबसे बड़ी समस्या उस समय सामने आती है, जब किसी बीमार या बुजुर्ग व्यक्ति को तत्काल अस्पताल ले जाने की जरूरत पड़ती है जगन्नाथ सिंह की तबीयत बिगड़ने के बाद परिजनों ने उन्हें चारपाई पर लिटाया और कंधों पर उठाकर पानी भरे रास्ते से आगे ले गए, ताकि किसी तरह वाहन तक पहुंचाया जा सके।

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सामने आई ग्रामीण व्यवस्था की तस्वीर
इस घटना की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद एक बार फिर बाढ़ प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य और परिवहन सुविधाओं को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। बारिश के दौरान कई गांवों में रास्ते बाधित होने से ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरतों के साथ-साथ आपात स्थिति में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है ग्रामीणों की मांग है कि जलभराव और बाढ़ प्रभावित मार्गों पर प्रशासन की ओर से तत्काल आवश्यक व्यवस्था की जाए, ताकि बीमार लोगों, बुजुर्गों और जरूरतमंद परिवारों को समय पर सहायता मिल सके।

प्रशासन के सामने चुनौती
सतना जिले में लगातार बारिश के चलते नदी-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी और कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में प्रशासन के सामने प्रभावित गांवों में राहत पहुंचाने के साथ-साथ आपातकालीन आवागमन और स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु बनाए रखने की चुनौती भी है सोहास गांव की यह घटना बताती है कि बाढ़ का असर सिर्फ सड़कों और खेतों तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण परिवारों की रोजमर्रा की जिंदगी और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच भी प्रभावित हो रही है।

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