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आलीराजपुर: ग्रामसभा में सवालों पर संग्राम! विकास कार्यों का हिसाब मांगना पड़ा भारी? पुलिस तक पहुंचा मामला

Sun, 04 Oct 2026 04:12 PM IST
झाबुआ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आलीराजपुर

जनपद पंचायत जोबट की ग्राम पंचायत जामनी में 2 अक्टूबर की ग्रामसभा सवाल-जवाब से शुरू होकर विवाद और मारपीट के आरोपों तक पहुंच गई। ग्रामसभा के दौरान हुए घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला तूल पकड़ता नजर आ रहा है। अब शिकायतें पुलिस तक पहुंच चुकी हैं और प्रकरण दर्ज होने के बाद पूरे मामले की जांच शुरू हो गई है।

विकास कार्यों पर सवाल, फिर बिगड़ा माहौल
ग्रामसभा में सरपंच, पंचायत सचिव, रोजगार सहायक सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और युवा मौजूद थे। शासन की योजनाओं और गांव में चल रहे विकास एवं निर्माण कार्यों को लेकर चर्चा चल रही थी। इसी दौरान ग्रामीणों ने पंचायत के कामकाज को लेकर सवाल-जवाब शुरू किए। शिकायत के अनुसार इसी दौरान कहासुनी बढ़ी और ग्रामसभा का माहौल तनावपूर्ण हो गया।

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रोजगार सहायक पर मारपीट के आरोप
शिकायत में भारत पिता सेकड़िया और लालसिंह पिता पुनमसिंह के साथ रोजगार सहायक द्वारा कथित मारपीट तथा प्रकाश पिता दुलसिंह के साथ हाथापाई के आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि कुछ ग्रामीणों को ग्रामसभा से बाहर ले जाकर थप्पड़-मुक्कों से मारपीट की गई। मौके पर मौजूद लोगों द्वारा बीच-बचाव किए जाने की बात भी शिकायत में कही गई है।

दूसरी तरफ कर्मचारी से झूमाझटकी और दस्तावेज छीनने का आरोप
मामले का दूसरा पक्ष भी सामने आया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ग्रामसभा की कार्यवाही को शांत कराने के दौरान रोजगार सहायक को कमरे में रोककर धमकाया गया और उसके साथ झूमाझटकी की गई। इतना ही नहीं, उसके पास मौजूद शासकीय दस्तावेज छीनने का भी आरोप लगाया गया है।

सचिव संगठन ने उठाई जांच की मांग
घटना को लेकर पंचायत सचिव संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष मुकामसिंह हरवाल ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि ग्रामसभा में ग्रामीणों को पंचायत के विकास कार्यों पर सवाल पूछने का अधिकार है, लेकिन किसी भी विवाद का समाधान नियम और प्रक्रिया के तहत होना चाहिए। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग की है।

पुलिस ने दर्ज किया केस, अब जांच पर टिकी नजर
मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार धारा 296(ए), 221, 121(1), 351(2) एवं 3(5) का उल्लेख है। अब जांच में यह सामने आएगा कि ग्रामसभा में विवाद की शुरुआत किस बात से हुई, मारपीट के आरोप कितने सही हैं और शासकीय दस्तावेजों को लेकर लगाए गए आरोपों की वास्तविकता क्या है। ग्रामसभा में विकास कार्यों पर जवाब मांगने से शुरू हुआ विवाद अब पुलिस की जांच की चौखट तक पहुंच गया है। आरोप दोनों तरफ से हैं, इसलिए निष्पक्ष जांच ही पूरे घटनाक्रम की असली तस्वीर सामने ला सकेगी।

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