(रविशंकर गुप्ता)। पढ़ने की कोई उम्र नहीं होती और सीखने में कोई शर्म नहीं। यह बात रविवार को अवकाश के दिन परिषदीय विद्यालयों में उस समय साकार होती दिखी, जब उम्र के आखिरी पड़ाव में पहुंचे बुजुर्ग भी हाथ में कलम और मन में पढ़ने की ललक लिए परीक्षा देने पहुंचे। किसी की उम्र 70 साल थी तो कोई 75 वर्ष का। किसी ने बच्चों की शादी के बाद पढ़ाई की ओर कदम बढ़ाया तो किसी को उनके बच्चे खुद स्कूल तक छोड़ने आए। मौका था नवभारत साक्षरता परीक्षा का। जिले के परिषदीय विद्यालयों में आयोजित परीक्षा में निरक्षर वर्ग के लोगों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। परीक्षा केंद्रों पर बुजुर्गों का उत्साह देखते ही बन रहा था। इस मौके पर बख्शी का तालाब स्थित प्राथमिक विद्यालय मिश्रपुर बेसिक शिक्षा निदेशक अनिल भूषण चतुर्वेदी पहुंचे और यहां की स्थिति का जायजा लिया। परीक्षा देकर निकले बुजुर्ग परीक्षार्थियों से उन्होंने बातचीत की। इस मौके पर बीईओ प्रीती शुक्ला और वरिष्ठ शिक्षक अनुराग सिंह राठौर मौजूद रहे।