राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (NADA India) और क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी कार्यालय के सौजन्य से लखनऊ के के.डी. सिंह बाबू स्टेडियम के सभागार में ‘एंटी-डोपिंग एजुकेशन एंड अवेयरनेस’ कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को डोपिंग रोधी नियमों की जानकारी दी गई। क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी डॉ. अतुल सिन्हा ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को प्रतिबंधित पदार्थों, डोपिंग के दुष्प्रभावों और एंटी-डोपिंग नियमों के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और निष्पक्ष खेल भावना को समझना बेहद जरूरी है। कार्यशाला में खेल विभाग के उपनिदेशक डॉ. संतोष उपाध्याय और नाडा एजुकेटर पंकज सिंघल ने खिलाड़ियों को डोपिंग से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने प्रतिबंधित पदार्थों के सेवन से होने वाले नुकसान, नियमों के उल्लंघन पर होने वाली कार्रवाई और खिलाड़ियों की जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से बताया। कार्यक्रम के दौरान खिलाड़ियों से अपील की गई कि वे किसी भी दवा या सप्लीमेंट का सेवन करने से पहले उसके घटकों की जानकारी जरूर लें और खेल में प्रतिबंधित पदार्थों से पूरी तरह बचें। अधिकारियों ने कहा कि डोपिंग मुक्त खेल ही खिलाड़ियों के बेहतर भविष्य और खेल की निष्पक्षता की आधारशिला है।