लखनऊ में खादी भवन में आयोजित माटीकला महोत्सव में उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए कारीगर अपने हुनर और खास उत्पादों का प्रदर्शन कर रहे हैं। महोत्सव में मिट्टी से तैयार कलात्मक वस्तुएं लोगों का ध्यान खींच रही हैं। खासतौर पर टेराकोटा से बने उत्पादों को खूब पसंद किया जा रहा है। महोत्सव में मिट्टी के झरने, हाथी, आकर्षक लैंप और दीये सहित कई तरह के उत्पाद उपलब्ध हैं। इनकी बनावट और कलात्मकता लोगों को आकर्षित कर रही है। पारंपरिक मिट्टी कला को आधुनिक रूप में पेश करने वाले उत्पाद भी महोत्सव की खासियत बने हुए हैं। वहीं, क्रोशिया से बने बैग महिलाओं का ध्यान खींच रहे हैं। हाथों से तैयार इन बैगों में पारंपरिक शिल्प और रचनात्मकता की झलक देखने को मिल रही है। इसके अलावा सुनहरी थीम पर तैयार किए गए दीपक और रामदरबार भी महोत्सव के प्रमुख आकर्षणों में शामिल हैं। महोत्सव में एक ही जगह पर अलग-अलग जिलों के कारीगरों की कलाकृतियां देखने और खरीदने का अवसर मिल रहा है। मिट्टी के पारंपरिक उत्पादों से लेकर सजावटी वस्तुओं तक की विविधता इस आयोजन को खास बना रही है।