देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय होता नजर आ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 7 सितंबर की सुबह जारी अपने ऑल इंडिया वेदर फोरकास्ट बुलेटिन में अगले सात दिनों के मौसम को लेकर महत्वपूर्ण पूर्वानुमान जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। इस दौरान कुछ इलाकों में भारी बारिश के साथ गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं की स्थिति भी बन सकती है। ऐसे में प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग के अनुसार उत्तराखंड में 7 से 12 सितंबर के बीच कई स्थानों पर बारिश के साथ गरज और बिजली गिरने की संभावना है। राज्य में 7-8 सितंबर और इसके बाद 10-12 सितंबर के दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण स्थानीय स्तर पर जलभराव, भूस्खलन और अचानक तेज पानी आने जैसी परिस्थितियां पैदा हो सकती हैं। IMD ने उत्तराखंड के कुछ क्षेत्रों में अगले 24 घंटे के दौरान फ्लैश फ्लड का कम से मध्यम खतरा भी जताया है। ऐसे में संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में भी बारिश का असर दिखाई दे सकता है। पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 7 सितंबर को कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में 6 से 8 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। इस दौरान कुछ इलाकों में भारी बारिश भी हो सकती है। बारिश के साथ तापमान में बदलाव और स्थानीय स्तर पर जलभराव की स्थिति देखने को मिल सकती है।
राजस्थान के कुछ हिस्सों में मौसम का मिजाज बारिश के साथ-साथ आंधी-तूफान जैसा भी रह सकता है। IMD के मुताबिक यहां गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। वहीं अगले कुछ दिनों में मध्य और पूर्वी भारत के साथ-साथ पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा और पूर्वोत्तर राज्यों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। कुल मिलाकर, आने वाले सात दिनों में देश के कई हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां सक्रिय रहने की संभावना है। लोगों को खासकर भारी बारिश और बिजली गिरने के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और कमजोर ढांचों से दूर रहने तथा स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी जाती है।