उत्तर प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। आसमान से आफत बरसने की चेतावनी है, तो कई जिलों में बाढ़ का खतरा भी मंडरा रहा है। बारिश, आंधी और वज्रपात के अलर्ट के बीच योगी सरकार ने मोर्चा संभाल लिया है। कहीं स्कूल बंद हैं, कहीं राहत-बचाव की तैयारी तेज है... तो कहीं लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
उत्तर प्रदेश में लगातार बदलते मौसम और भारी बारिश के खतरे को देखते हुए योगी सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज हवाओं, गरज-चमक और आकाशीय बिजली की चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही कई इलाकों में अचानक बाढ़ की आशंका भी जताई गई है। हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने और खुद फील्ड में जाकर स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने खास तौर पर रेड अलर्ट और आकस्मिक बाढ़ की आशंका वाले जिलों में स्कूलों को बंद रखने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन की ओर से भी कई जिलों में स्कूलों में छुट्टी के आदेश जारी किए गए हैं। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखें और स्थानीय परिस्थितियों के हिसाब से तत्काल जरूरी कदम उठाएं।
सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता फिलहाल लोगों की सुरक्षा है। मुख्यमंत्री ने आकाशीय बिजली और अतिवृष्टि से होने वाली किसी भी क्षति का तत्काल आकलन करने और प्रभावित परिवारों को 24 घंटे के भीतर हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
इसके साथ ही लोगों से भी सावधानी बरतने की अपील की गई है। प्रशासन ने कहा है कि तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। नदियों, तालाबों और जलाशयों के पास जाने या वहां स्नान करने से बचें। खास तौर पर खुले मैदान, पेड़, बाग और पार्क से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है।
मुख्यमंत्री ने जीर्ण-शीर्ण मकानों और झोपड़ियों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि जरूरत पड़ने पर ऐसे लोगों को नजदीकी राहत शरणालयों में पहुंचाया जाए, ताकि भारी बारिश या अचानक बाढ़ की स्थिति में किसी की जान खतरे में न पड़े।
इससे पहले राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने रेड और ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों के जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को लगातार फील्ड में सक्रिय रहने, स्थानीय हालात पर नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक प्रदेश में 27 सितंबर तक मौसम प्रभावित रहने की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 25 और 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश की चेतावनी है, जबकि 27 सितंबर को भी भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी 25 से 27 सितंबर के बीच भारी बारिश और गरज-चमक का अलर्ट है।
रेड अलर्ट वाले जिलों में लखीमपुर खीरी, सीतापुर, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, रामपुर, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर शामिल हैं। इन जिलों में प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं ऑरेंज अलर्ट वाले इलाकों में भी प्रशासन को पूरी तरह सक्रिय रहने को कहा गया है। इनमें प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, अयोध्या, बस्ती, हरदोई, लखनऊ, बाराबंकी, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, संभल और बदायूं समेत कई जिले शामिल हैं।
अचानक बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में भी राहत और बचाव एजेंसियों को तैयार रखा गया है। आजमगढ़, बलिया, गाजीपुर, मऊ, गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, अयोध्या, गोंडा, बहराइच, सीतापुर, लखनऊ, रायबरेली, कानपुर नगर, बांदा, कौशांबी और चित्रकूट समेत कई क्षेत्रों में विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
तेज आंधी और वज्रपात को लेकर भी प्रशासन को खास निर्देश दिए गए हैं। लोगों को खुले स्थानों, पेड़ों और बाग-बगीचों से दूर रखने तथा यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति खराब मौसम में खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर न हो।
यानी यूपी में अगले कुछ दिन मौसम के लिहाज से बेहद अहम हैं। सरकार अलर्ट है, प्रशासन फील्ड में है और राहत-बचाव की तैयारियां तेज हैं... लेकिन इस मौसम में सबसे जरूरी है कि लोग भी सावधानी बरतें और प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करें।