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चीनी को लेकर सरकार हुई और सख्त, व्यापारियों के लिए स्टॉक लिमिट हुई आधी!

वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम Updated Wed, 02 Sep 2026 01:27 AM IST

त्योहारी सीजन में चीनी की कीमतों को नियंत्रित रखने और बाजार में इसकी पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार ने व्यापारियों के लिए चीनी स्टॉक की सीमा घटाकर 2,000 क्विंटल कर दी है। उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के अनुसार, यह नई व्यवस्था 15 सितंबर से 30 नवंबर 2026 तक लागू रहेगी। इससे पहले 1 अगस्त 2026 से देशभर के चीनी व्यापारियों के लिए स्टॉक रखने की अधिकतम सीमा 4,000 क्विंटल निर्धारित की गई थी। सरकार का यह फैसला ऐसे समय आया है जब नवरात्र, दशहरा, दिवाली और अन्य त्योहारों के दौरान चीनी की मांग बढ़ने की संभावना रहती है। अधिक मात्रा में चीनी जमा करके रखने से कृत्रिम कमी पैदा होने और कीमतों में बढ़ोतरी का खतरा रहता है। नई व्यवस्था के तहत कोई भी व्यापारी देश में किसी भी स्थान पर किसी भी समय 2,000 क्विंटल से अधिक चीनी अपने स्टॉक में नहीं रख सकेगा। इसके अलावा, व्यापारी को चीनी प्राप्त होने की तारीख से 30 दिनों से अधिक समय तक उसका स्टॉक रखने की अनुमति नहीं होगी।

 यानी सरकार ने केवल अधिकतम स्टॉक की सीमा ही कम नहीं की है, बल्कि स्टॉक को लंबे समय तक रोककर रखने पर भी अंकुश लगाया है। इसका उद्देश्य चीनी की बाजार में लगातार आपूर्ति बनाए रखना और जमाखोरी के जरिए कीमतों को प्रभावित करने की कोशिशों को रोकना है। हालांकि, सरकार ने कोलकाता और उसके आसपास के महानगरीय क्षेत्रों के लिए विशेष छूट बरकरार रखी है। इन क्षेत्रों में स्थानीय बाजार की विशिष्ट जरूरतों को ध्यान में रखते हुए चीनी व्यापारियों के लिए स्टॉक सीमा 4,000 क्विंटल ही रहेगी। यह अपवाद इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि कोलकाता महानगर क्षेत्र की आपूर्ति व्यवस्था और बाजार की मांग अन्य क्षेत्रों से अलग हो सकती है। सरकार की नई नीति का सीधा उद्देश्य उपभोक्ताओं को त्योहारों के दौरान चीनी की उपलब्धता को लेकर किसी तरह की परेशानी से बचाना है। स्टॉक सीमा घटने से व्यापारियों के पास बड़ी मात्रा में चीनी जमा करके रखने की क्षमता कम होगी और बाजार में नियमित अंतराल पर स्टॉक पहुंचने की संभावना बढ़ेगी। सरकार इस कदम के जरिए मांग बढ़ने के दौरान जमाखोरी, कालाबाजारी और कृत्रिम मूल्य वृद्धि पर नियंत्रण रखना चाहती है। खासकर त्योहारी मौसम में मिठाइयों और घरेलू उपयोग के लिए चीनी की खपत बढ़ जाती है, इसलिए इसकी आपूर्ति और कीमतों पर नजर रखना उपभोक्ताओं के हित में महत्वपूर्ण माना जाता है। नई सीमा 30 नवंबर तक लागू रहने से सरकार त्योहारों के प्रमुख दौर में बाजार की स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास करेगी।



 

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