फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ऊना: विजयदशमी पर आरएसएस ने किया शस्त्र पूजन, पथ संचलन से दिया एकता और अनुशासन का संदेश

विजयदशमी के पावन अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की ओर से मंगलवार को शस्त्र पूजन और पथ संचलन का आयोजन किया गया। संघ की परंपरा के अनुरूप आयोजित इस कार्यक्रम में शक्ति, साहस और राष्ट्र के प्रति समर्पण का संदेश दिया गया। पथ संचलन के माध्यम से स्वयंसेवकों ने एकता, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी के महत्व को रेखांकित किया। संघ के जिला कार्यवाहक अनिल भारद्वाज ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि विजयदशमी संघ के प्रमुख उत्सवों में शामिल है। इस अवसर पर शस्त्र पूजन की परंपरा के माध्यम से शक्ति, साहस और कर्तव्य के प्रति समर्पण का भाव प्रकट किया जाता है। अनिल भारद्वाज ने बताया कि विजयदशमी का पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। यह पर्व समाज को सकारात्मक मूल्यों को अपनाने और अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहने की प्रेरणा देता है। संघ में इस दिन शस्त्र पूजन करने की परंपरा रही है, जो शक्ति और साहस के साथ राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी के भाव को भी दर्शाती है। उन्होंने कहा कि संघ की परंपराएं स्वयंसेवकों में राष्ट्र के प्रति समर्पण और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का माध्यम हैं। पथ संचलन को संघ की संगठनात्मक गतिविधियों का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए अनिल भारद्वाज ने कहा कि इसके माध्यम से स्वयंसेवक अनुशासन, एकजुटता और समाज के प्रति अपने दायित्वों का संदेश देते हैं। उन्होंने सामाजिक जीवन में संगठन और अनुशासन के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उनके अनुसार, सामूहिक प्रयासों और जिम्मेदारी की भावना से समाज को मजबूत बनाने में योगदान दिया जा सकता है। विजयदशमी के अवसर पर आयोजित शस्त्र पूजन और पथ संचलन के माध्यम से राष्ट्रभावना, संगठन और सामाजिक दायित्वों के महत्व को सामने रखा गया। संघ की ओर से आयोजित यह कार्यक्रम उसकी पारंपरि

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें