मां चिंतपूर्णी के प्रति अटूट श्रद्धा और आस्था का अनूठा उदाहरण देखने को मिला, जब ऊना जिले के रामपुर गांव निवासी नीरज कुमार हाथों में जलती जोत लेकर घुटनों के बल यात्रा करते हुए मां चिंतपूर्णी के दरबार पहुंचे। मां के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट करने के लिए उन्होंने यह कठिन यात्रा की। इस दौरान परिवार के सदस्य और दोस्त भी उनके साथ रहे और उनका हौसला बढ़ाते रहे। नीरज कुमार ने बताया कि वह ऊना जिले के रामपुर गांव के रहने वाले हैं और पहली बार इस तरह की कठिन यात्रा कर रहे हैं। मां चिंतपूर्णी के प्रति उनकी गहरी आस्था है। इसी श्रद्धा के चलते उन्होंने घुटनों के बल यात्रा कर मां के दरबार में पहुंचने का संकल्प लिया। हाथों में जलती जोत लेकर घुटनों के बल आगे बढ़ते नीरज को देखकर रास्ते में मौजूद श्रद्धालु भी हैरान रह गए। उनकी इस यात्रा में परिवार और दोस्तों ने साथ दिया और उनका हौसला बढ़ाया। कठिन यात्रा पूरी कर नीरज कुमार मां चिंतपूर्णी के दरबार पहुंचे। यहां उन्होंने शीश नवाकर मां का आशीर्वाद प्राप्त किया। उनकी इस यात्रा ने मां के प्रति उनकी श्रद्धा और समर्पण को दर्शाया।