राजकीय महाविद्यालय नालागढ़ में भूगोल विभाग की ओर से विश्व ओज़ोन दिवस के उपलक्ष्य में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. ललित गुलेरिया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान प्राचार्य डॉ. ललित गुलेरिया ने ओज़ोन परत के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ओज़ोन परत पृथ्वी को सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी किरणों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसके संरक्षण के बिना पृथ्वी पर जीवन और पर्यावरण पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को जलवायु परिवर्तन के कारण उत्पन्न हो रहे विभिन्न हानिकारक प्रभावों के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बढ़ता तापमान, मौसम में बदलाव और पर्यावरणीय असंतुलन आज पूरी दुनिया के सामने बड़ी चुनौतियां हैं। इन चुनौतियों से निपटने के लिए केवल सरकारी स्तर पर प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। डॉ. गुलेरिया ने विद्यार्थियों से पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहने और अपने आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे प्रयासों के माध्यम से पर्यावरण को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को ओज़ोन परत के संरक्षण, जलवायु परिवर्तन के प्रभावों और प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग के प्रति जागरूक किया गया। भूगोल विभाग की इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता विकसित करना रहा।