औद्योगिक क्षेत्र बद्दी में नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों के सम्मान सम्मेलन में शामिल होने पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार पर जमकर निशाना साधा। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र की स्थिति को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि सुक्खू सरकार औद्योगिक क्षेत्र में वसूली का बड़ा नेटवर्क चला रही है। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी और अपने चहेतों की जेब भरने के लिए प्रदेश को उद्योगों से मिलने वाले आर्थिक लाभ से वंचित कर रही है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार की कथित अराजकता के कारण उद्योग प्रदेश से पलायन कर रहे हैं। इसका सीधा असर प्रदेश की अर्थव्यवस्था और रोजगार पर पड़ रहा है। उनके अनुसार उद्योगों के बाहर जाने से प्रदेश को मिलने वाले आर्थिक लाभ के साथ-साथ रोजगार पैदा होने की संभावनाएं भी समाप्त हो रही हैं। उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में सत्ता संरक्षित तरीके से जो अराजकता फैलाई जा रही है, उसका खामियाजा आने वाले समय में पूरे प्रदेश को भुगतना पड़ेगा। जयराम ठाकुर ने कहा कि एक तरफ सरकार द्वारा संरक्षित लोगों पर उद्योगों से वसूली का नेटवर्क चलाने के आरोप लग रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सरकार टैक्स पर टैक्स लगाकर उद्योगों का मनोबल तोड़ रही है। उन्होंने सरकार के 'व्यवस्था परिवर्तन' के नारे पर भी सवाल उठाया। जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि सरकार के पास स्पष्ट विजन नहीं है और व्यवस्था परिवर्तन के बजाय 'मित्र हित' में काम किया जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष ने औद्योगिक क्षेत्रों में प्लॉट आवंटन को लेकर भी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि प्लॉटों के आवंटन के नाम पर करोड़ों रुपये की वसूली की जा रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार की ओर से कुछ खास अधिकारियों को तैनात कर उद्योगों का अलग तरीके से दोहन किया जा रहा है। जयराम ठाकुर ने कहा कि इस तरह की व्यवस्था से प्रदेश में नए निवेशकों का भरोसा कमजोर होगा। जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल जैसे राज्य के लिए औद्योगिक क्षेत्र रोजगार और आर्थिक गतिविधियों का बड़ा आधार है। यदि उद्योगों को लगातार परेशान किया गया और निवेश का माहौल खराब हुआ तो इसका सबसे बड़ा नुकसान प्रदेश के युवाओं को होगा। उन्होंने सरकार से औद्योगिक क्षेत्र में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और उद्योगों के लिए बेहतर माहौल तैयार करने की मांग की।