सीपीआईएम के राज्य प्रभारी कॉमरेड राकेश सिंघा ने कहा कि जिस तरह प्रजामंडल आंदोलनों के जरिये लोगों ने तत्कालीन राजशाही के खिलाफ संघर्ष किया था, उसी तरह आज भी अन्याय और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ नए स्वरूप का आंदोलन खड़ा करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पार्टी और उससे जुड़े संगठन मिलकर इस दिशा में काम करेंगे। नाहन में सीपीआईएम की जिला कमेटी की बैठक के बाद आयोजित प्रेसवार्ता में राकेश सिंघा ने कहा कि पार्टी प्रदेश में महिला, दलित, किसान और मेहनतकश वर्ग के अधिकारों के लिए आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने हिमाचल सरकार से भी प्रदेश के हितों की रक्षा के लिए मजबूती से खड़े होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है और इसका असर किसान, मजदूर, छात्र और युवाओं के जीवन पर पड़ रहा है। रोजगार के अवसर कम हो रहे हैं और कई काम ठेके तथा बड़ी कंपनियों को सौंपे जा रहे हैं। उनके अनुसार इससे मजदूरों और कर्मचारियों के शोषण की स्थिति बढ़ रही है। इससे पहले जिला कमेटी की बैठक की अध्यक्षता कॉमरेड विश्वनाथ शर्मा ने की। बैठक में राकेश सिंघा ने केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों को लेकर पार्टी का पक्ष रखा। जिला सचिव राजेंद्र ठाकुर ने स्थानीय स्तर पर आगामी रणनीति से संबंधित प्रस्ताव पेश किया। बैठक में 26 नवंबर को प्रस्तावित देशव्यापी आंदोलन का हिस्सा बनने का निर्णय भी लिया गया। इस दौरान पार्टी की आगामी गतिविधियों और स्थानीय स्तर पर आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की गई। बैठक में आशीष कुमार, सतपाल मान, धनीराम शर्मा, जीवन सिंह, नैन सिंह, बलदेव सिंह, अभय धामटा, दिनेश शर्मा, लखबीर सिंह, गोविंद छींटा, राकेश रमौल, बॉबी शर्मा, राम सिंह वालिया, आशा शर्मा और विजयपाल सिंह समेत जिला कमेटी के सदस्य मौजूद रहे।