नाहन विधानसभा क्षेत्र के मंडेरवा गांव में पिछले करीब एक माह से पेयजल संकट बना हुआ है। गांव में नलों से पानी की आपूर्ति नहीं होने के कारण ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पानी जुटाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार लंबे समय से नलों में पानी नहीं आने के कारण उन्हें दूरदराज के क्षेत्रों से सिर और पीठ पर पानी ढोकर लाना पड़ रहा है। पीने के पानी के साथ-साथ घरेलू जरूरतों के लिए भी लोगों को इसी तरह पानी की व्यवस्था करनी पड़ रही है। पेयजल संकट के बीच ग्रामीणों को मजबूरी में नदी के पानी का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी का पानी दूषित है और इसके इस्तेमाल से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की आशंका बनी हुई है। पानी की इस किल्लत का सबसे अधिक असर महिलाओं, बुजुर्गों और स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है। रोजाना पानी की व्यवस्था करने में उनका काफी समय और मेहनत खर्च हो रही है। समस्या से परेशान मंडेरवा गांव के ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल स्थानीय विधायक अजय सोलंकी से मिला। ग्रामीणों ने विधायक को ज्ञापन सौंपकर गांव में जल्द से जल्द नियमित पेयजल आपूर्ति बहाल करवाने की मांग की। ग्रामीणों ने जल शक्ति विभाग के प्रति भी रोष जताते हुए लंबे समय से बनी समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग उठाई। ग्रामीणों की समस्या सुनने के बाद विधायक अजय सोलंकी ने संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर समस्या का समाधान करने और गांव में पेयजल आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए। विधायक के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि जल्द ही गांव में पानी की आपूर्ति दोबारा शुरू होगी और उन्हें दूरदराज से पानी ढोने तथा नदी के पानी पर निर्भर रहने की मजबूरी से राहत मिलेगी।