मात्तर-भेडो सड़क की बदहाली अब ग्रामीणों के सब्र का बांध तोड़ चुकी है। सड़क निर्माण के 17 साल बाद भी पहाड़ी कटिंग और पत्थर गिरने की समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने से गुस्साए ग्रामीणों ने प्रशासन को अब आर-पार की चेतावनी दे दी है। ग्रामीणों ने साफ कहा है कि यदि तय समय में समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा और गांव व पंचायत से मतपेटियां खाली जाएंगी। वर्ष 2009-10 में निर्मित इस सड़क पर आज भी ग्रामीण जान हथेली पर रखकर सफर करने को मजबूर हैं। सड़क के शुरुआती हिस्से में की गई अधूरी और गलत कटिंग के कारण दोनों ओर ऊंची, पथरीली और बेहद खतरनाक पहाड़ी दीवारें खड़ी हो गई हैं। करीब 100 मीटर लंबे इस हिस्से में पैदल चलना तक जोखिम भरा बना हुआ है। ऊपर से लगातार गिरते पत्थर और मलबा किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकता है। मंगलवार को इस गंभीर समस्या को लेकर विजय शर्मा, सचिन चौधरी, गूफर अहमद, मुन्नाराम, ताराचंद और भूप सिंह समेत करीब दो दर्जन ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल नाहन में उपायुक्त से मिला। ग्रामीणों ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर सड़क के इस संवेदनशील हिस्से का तत्काल निरीक्षण करवाने और स्थायी समाधान की मांग उठाई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं की तो वे धरना-प्रदर्शन, चक्का जाम और उग्र आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। इसके साथ ही चुनाव बहिष्कार का एलान किया।