जोगिंद्रनगर से क्षेत्रीय सह सुविधा एवं अनुसंधान केंद्र (आरसीएफसी), हर्बल गार्डन और फार्मेसी को सोलन स्थानांतरित करने के विरोध में लोगों का आंदोलन लगातार तेज हो रहा है। पिछले 15 दिनों से ग्रामीण क्रमिक अनशन पर बैठे हैं। अब सात सितंबर को जोगिंद्रनगर में विशाल धरना-प्रदर्शन करने की घोषणा की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि केंद्र सरकार के आयुष मंत्रालय के अधीन संचालित यह संस्थान क्षेत्र के लोगों की आजीविका और स्वरोजगार से जुड़ा अहम केंद्र रहा है। स्थानीय निवासी रजनी देवी, लीला देवी और दीपा सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि संस्थान को किसी भी सूरत में जोगिंद्रनगर से सोलन नहीं जाने दिया जाएगा। उनका कहना है कि संस्थान को स्थानांतरित करने का फैसला क्षेत्र के लोगों के हितों के खिलाफ है। जिला परिषद सदस्य कुशाल भारद्वाज ने कहा कि संस्थान को जोगिंद्रनगर में ही बनाए रखने के लिए वह केंद्रीय आयुष मंत्रालय के उच्चाधिकारियों से भी मिल चुके हैं। केंद्र की ओर से संस्थान के स्थान पर जोगिंद्रनगर में एक काउंटर खोलने का आश्वासन दिया गया है, लेकिन ग्रामीण इसे स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं।