राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की ओर से सरदार पटेल यूनिवर्सिटी के सभागार में ‘ओजस्विनी’ युवती सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में मंडी जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आई करीब 400 महिलाओं और युवतियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और युवतियों को आत्मनिर्भर बनने तथा जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रेरित करना रहा। सम्मेलन में विभिन्न क्षेत्रों में कामयाबी हासिल कर चुकी महिलाओं को वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया। उन्होंने अपने जीवन के संघर्षों और सफलता के अनुभव साझा किए। वक्ताओं ने युवतियों को भविष्य में आने वाली चुनौतियों के बारे में बताया और उनसे निपटने के तरीके भी समझाए। महिलाओं ने बताया कि दृढ़ इच्छाशक्ति, मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर कठिन परिस्थितियों का सामना किया जा सकता है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि महिलाएं परिवार की जिम्मेदारियां निभाने के साथ कारोबार और अन्य क्षेत्रों में भी अपनी पहचान बना सकती हैं। मंडी जिला अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की छात्रा प्रमुख अनामिका शर्मा ने बताया कि इस तरह के सम्मेलन देशभर में आयोजित किए जा रहे हैं। इनका उद्देश्य युवतियों को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से युवतियों को अपनी क्षमताओं को पहचानने, आत्मविश्वास बढ़ाने और भविष्य के लिए तैयार होने का अवसर मिलता है। सम्मेलन के दौरान युवतियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए विभिन्न कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए। इसके साथ ही उन्हें आत्मरक्षा के गुर सिखाए गए, ताकि वे जरूरत पड़ने पर अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठा सकें। आयोजकों के अनुसार, सम्मेलन के माध्यम से महिलाओं और युवतियों को आत्मनिर्भरता, आत्मविश्वास और सशक्तीकरण का संदेश दिया गया।