दमेला पुल का निर्माण कार्य लंबे समय से अधूरा पड़ा होने के कारण क्षेत्र की करीब आधा दर्जन पंचायतों के लोगों में भारी रोष है। लोक निर्माण विभाग पधर के तहत करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस पुल का काम रुकने से स्थानीय लोगों को आवाजाही में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वीरवार को ग्राम पंचायत भड़वाहन के गांव बटाहर के ग्रामीण दमेला पहुंचे और निर्माण कार्य बंद होने को लेकर विभाग तथा सरकार के खिलाफ रोष जताया। ग्रामीणों का आरोप है कि पुल का निर्माण पिछले करीब चार वर्षों से बेहद धीमी गति से चल रहा था। अब स्थिति यह है कि ठेकेदार निर्माण कार्य अधूरा छोड़कर चला गया है। ग्रामीणों के अनुसार पुल और अस्थायी सड़क की सुविधा नहीं होने के कारण स्कूली बच्चों और स्थानीय लोगों को पधर उपमंडल तक पहुंचने के लिए 50 से 70 किलोमीटर तक अतिरिक्त सफर करना पड़ रहा है। लंबी दूरी तय करने के कारण लोगों का समय और पैसा दोनों खर्च हो रहे हैं। वहीं, विद्यार्थियों और रोजाना आवाजाही करने वाले लोगों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। ग्रामीणों ने स्थानीय विधायक पूर्ण चंद ठाकुर से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पुल का निर्माण जल्द शुरू नहीं हुआ तो ग्रामीण लोक निर्माण विभाग के कार्यालय का घेराव करने के लिए मजबूर होंगे। ग्रामीणों का कहना है कि पुल का निर्माण पूरा होने से क्षेत्र की कई पंचायतों को सीधा लाभ मिलेगा और पधर तक आवाजाही भी आसान होगी। उधर, लोक निर्माण विभाग के पधर उपमंडल के सहायक अभियंता प्रदीप पटियाल ने बताया कि ठेकेदार के काम छोड़ने के कारण पुल के निर्माण के लिए दोबारा टेंडर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि करीब 15 से 20 दिनों में निर्माण कार्य दोबारा शुरू होने की उम्मीद है। इसके अलावा बंद पड़ी अस्थायी सड़क को भी अगले एक-दो दिनों में बहाल करने की बात कही गई है। अब ग्रामीणों की नजर विभाग की इस समयसीमा पर है। यदि निर्धारित अवधि में अस्थायी सड़क बहाल होती है और पुल का काम दोबारा शुरू होता है, तो क्षेत्र के लोगों को लंबे समय से चली आ रही परेशानी से राहत मिलने की उम्मीद है।