ओबीसी संघर्ष समिति हिमाचल प्रदेश ने 20 सितंबर को पालमपुर से शाहपुर तक आयोजित होने वाली ‘ओबीसी सामाजिक न्याय यात्रा-2’ की तैयारियां तेज कर दी हैं। यात्रा को सफल बनाने के लिए समिति की टीम ने सुनहेड़, तंगरोटी, राजियाना और बैजनाथ हलके की पांच पंचायतों में बैठकें कीं। बैठकों के माध्यम से ओबीसी समाज को एकजुट करने और यात्रा में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए संपर्क अभियान चलाया जा रहा है। समिति के पदाधिकारियों ने पंचायत स्तर पर लोगों से संवाद कर सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान समाज के लोगों से यात्रा में शामिल होने और अपनी मांगों को मजबूती से उठाने का आह्वान किया गया। बैठकों में समिति के अध्यक्ष सौरभ कौंडल ने कहा कि संविधान के तहत पिछड़े वर्गों को मिले अधिकारों के प्रति समाज का जागरूक होना जरूरी है। उन्होंने प्रदेश में मंडल आयोग की सिफारिशों के आधार पर 27 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की मांग दोहराई। कौंडल ने कहा कि आरक्षण व्यवस्था में रोस्टर को दुरुस्त किया जाना चाहिए और लंबित बैकलॉग पदों को शीघ्र भरा जाना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने ओबीसी समाज के लिए अलग कल्याण बजट तय करने और ओबीसी जनगणना कराने की मांग भी उठाई। ओबीसी संघर्ष समिति के अध्यक्ष ने कहा कि पिछले वर्ष सरकार को 21 सूत्रीय मांग-पत्र सौंपा गया था, लेकिन अब तक इन मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों को लेकर समिति लगातार आवाज उठा रही है और पंचायत स्तर पर संपर्क अभियान इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। समिति का कहना है कि यात्रा के माध्यम से ओबीसी समाज की मांगों को व्यापक स्तर पर उठाया जाएगा और सरकार का ध्यान लंबित मुद्दों की ओर आकर्षित किया जाएगा। समिति के अनुसार, 20 सितंबर को सुबह 8:30 बजे पालमपुर में समाज के लोग एकत्र होंगे। इसके बाद पालमपुर से शाहपुर के लिए कार-बाइक रैली निकाली जाएगी। समिति ने अधिक से अधिक लोगों से रैली में भाग लेने की अपील की है। पंचायतों में बैठकों और संपर्क अभियान के जरिए यात्रा को सफल बनाने की तैयारियां जारी हैं। अब समिति की नजर 20 सितंबर को होने वाली रैली में लोगों की भागीदारी पर है।