सोल वनेहड़ पंचायत से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हुए 16 वर्षीय अभिलाष की मौत के मामले की जांच अब निर्णायक दौर में पहुंच गई है। पुलिस ने मामले में दो युवकों इशान निवासी दंसलू और राहुल निवासी तलवाड़ को गिरफ्तार किया है। वहीं, अभिलाष के घर फोन करने वाले अतुल उर्फ सिपी की तबीयत खराब होने के कारण उसका उपचार करवाया जा रहा है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और घटनास्थल से जुटाए गए भौतिक साक्ष्यों के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ रही है। अभिलाष 26 अगस्त की शाम करीब चार बजे ट्यूशन के लिए घर से निकला था, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटा। परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। अगले दिन 27 अगस्त को अतुल नाम के युवक ने अभिलाष के घर फोन कर बताया कि वह पलाहनिया मोड़ से मैहरी बस्ती की ओर जाने वाली सड़क पर पड़ा हुआ है। परिजन और पड़ोसी मौके पर पहुंचे तो अभिलाष बदहवास हालत में मिला। उसके पैरों में चप्पल नहीं थी और ट्यूशन बैग भी उसके पास नहीं था। उसे जयसिंहपुर अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे टांडा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर कर दिया। करीब दो दिन उपचार के बाद 30 अगस्त को अभिलाष की मौत हो गई। मौत से पहले अभिलाष ने पुलिस को दिए बयान में बताया था कि कुछ अज्ञात लोग उसे चाकू की नोक पर सुजानपुर ले गए। इसके बाद निजी बस से भलेठ और फिर ट्राले के माध्यम से होशियारपुर ले जाने तथा वहां किसी वस्तु की डिलीवरी करवाने की बात उसने कही थी। उसने यह भी बताया था कि वापस लाकर उसे तलवाड़ के पास फेंक दिया गया और कोई जहरीला पदार्थ पिलाया गया। पुलिस ने इस बयान के आधार पर जांच आगे बढ़ाई और कई स्थानों की सीसीटीवी फुटेज खंगाली। फुटेज में सामने आया कि अभिलाष अपर लंबागांव से सुजानपुर जाने वाली बस में अकेला सवार हुआ और सुजानपुर में भी अकेला ही उतरा। उसके साथ किसी अन्य व्यक्ति के होने की पुष्टि सीसीटीवी में नहीं हुई। इससे उसके बयान और तकनीकी साक्ष्यों में अंतर सामने आया। पुलिस ने शुरुआत में सात युवकों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। हालांकि उस समय कोई ठोस सुराग नहीं मिला। पुलिस को यह तो पता चल गया कि अभिलाष सुजानपुर तक अकेले गया था, लेकिन वहां से वापस अपर लंबागांव पहुंचने की कड़ी स्पष्ट नहीं हो पा रही थी। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया और अभिलाष के घर फोन करने वाले अतुल उर्फ सिपी से भी पूछताछ की गई। शनिवार को पुलिस ने अतुल और उसके दो साथियों राहुल तथा इशान को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान पुलिस को मामले से जुड़े कई अहम तथ्य मिलने की बात सामने आई। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि अभिलाष की अतुल, राहुल और इशान से पहले से जान-पहचान थी। पुलिस के अनुसार, 26 अगस्त को भी अभिलाष की इन युवकों से मुलाकात हुई थी। जांच में सामने आए तथ्यों के मुताबिक राहुल और इशान सुजानपुर में अभिलाष से मिले थे। इसके बाद तीनों मोटरसाइकिल पर कथित तौर पर मादक पदार्थ लेकर आए, जबकि अतुल लंबागांव में उनका इंतजार कर रहा था। पुलिस जांच के अनुसार, इसके बाद चारों 26 अगस्त की रात तलवाड़ पंचायत के दंसलू गांव के समीप एक मंदिर के पास रहे। वहां मादक पदार्थ का सेवन किए जाने की बात भी जांच में सामने आई है। पुलिस के अनुसार, 27 अगस्त को भी वहां नशीले पदार्थ के सेवन की बात सामने आई और इसी दौरान अभिलाष की तबीयत बिगड़ गई। तबीयत बिगड़ने के बाद अतुल उर्फ सिपी उसे पलाहनिया मोड़ के पास लेकर आया और उसके परिजनों को फोन किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएसपी बैजनाथ रविवार को भी लंबागांव थाना में मौजूद रहे। पुलिस टीम आरोपियों से घटनाक्रम से जुड़े विभिन्न स्थानों की निशानदेही करवा रही है। फोरेंसिक टीम ने भी मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के अलावा तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बना रही है। इशान और राहुल को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अतुल उर्फ सिपी का स्वास्थ्य खराब होने के कारण उपचार चल रहा है। डीएसपी बैजनाथ ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण का पता चल पाएगा। यह स्पष्ट होना बाकी है कि अभिलाष की मौत मादक पदार्थ के सेवन से हुई या किसी जहरीली वस्तु के कारण। पुलिस फिलहाल मामले से जुड़े सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है।