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हमीरपुर: एडीसी बोले- हर पंचायत में कूड़ा छंटाई के लिए शैड बनाएं, 10 दिन में प्लास्टिक कचरा संग्रह की प्रक्रिया तय करें

स्वच्छता के क्षेत्र में जिला हमीरपुर को मॉडल जिला बनाने की दिशा में प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। बुधवार को हमीर भवन में आयोजित स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की समीक्षा बैठक में एडीसी अभिषेक गर्ग ने सभी बीडीओ को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए त्वरित कदम उठाने के निर्देश दिए। बैठक की अध्यक्षता करते हुए एडीसी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कचरे की सही तरीके से छंटाई और प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि हर पंचायत में कूड़े की छंटाई के लिए प्राथमिकता के आधार पर शैड बनाए जाएं। एडीसी ने बताया कि ठोस कचरा पृथक्करण के तहत मुख्य रूप से चार श्रेणियां निर्धारित की गई हैं। इनमें गीला कचरा, सूखा कचरा, सेनेटरी कचरा और खतरनाक कचरा शामिल हैं। गीले कचरे में बचा हुआ भोजन, फल और सब्जियां आदि शामिल होंगे। सूखे कचरे में प्लास्टिक, कागज, धातु और कांच जैसी वस्तुएं आएंगी। वहीं सेनेटरी कचरे और खतरनाक कचरे को अलग रखा जाएगा। खतरनाक कचरे में दवाइयां, बैटरी, सीएफएल बल्ब, पेंट और इलेक्ट्रॉनिक कचरा जैसी सामग्री शामिल है। एडीसी ने कहा कि कचरे की छंटाई के लिए बनाए जाने वाले शैड का निर्माण 16वें वित्त आयोग की धनराशि और वीबी-जीरामजी योजना की कनवर्जेंस से किया जा सकता है। उन्होंने जिले के सभी छह ब्लॉकों में स्थापित प्लास्टिक कचरा प्रबंधन यूनिटों की रिपोर्ट भी तलब की। अभिषेक गर्ग ने सभी बीडीओ को निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्लास्टिक, पॉलीथिन और अन्य कचरे के एकत्रीकरण के लिए 10 दिन के भीतर स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार प्रभावी प्रक्रिया तैयार करें। उन्होंने कहा कि नए पंचायत जनप्रतिनिधियों को स्वच्छ भारत मिशन की विभिन्न प्रक्रियाओं की जानकारी देकर ठोस कचरा प्रबंधन, शौचालय निर्माण और स्वच्छता से जुड़ी अन्य गतिविधियों को गति दी जा सकती है। एडीसी ने बताया कि जिले के सभी 1675 गांव खुले में शौच से मुक्त हैं। इनमें से 1613 गांवों को मॉडल गांव घोषित करके उनका डाटा अपलोड किया जा चुका है। शेष गांवों को भी मॉडल गांव घोषित करने के लिए डाटा अपलोडिंग का कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए। वित्त वर्ष 2026-27 में जिले में 47 सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। इनमें से 38 को मंजूरी मिल चुकी है, जबकि एक का निर्माण पूरा हो गया है। इसी तरह जिले में 294 नए मकानों में शौचालय निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। इनमें से 35 शौचालयों का निर्माण पूरा हो चुका है। बैठक में एडीसी ने 17 सितंबर से 17 अक्तूबर तक चल रहे स्वच्छता ही सेवा अभियान की गतिविधियों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि अभियान के तहत विभिन्न विभागों के लिए स्वच्छता से जुड़ी गतिविधियां निर्धारित की गई हैं। ग्रामीण विकास विभाग के अलावा अन्य संबंधित विभागों को भी अभियान के कैलेंडर के अनुसार अपने-अपने क्षेत्रों में गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए गए। इनमें आम लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना, शिक्षण संस्थानों और आंगनवाड़ी केंद्रों की सफाई, जलस्रोतों की सफाई तथा सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता अभियान जैसी गतिविधियां शामिल हैं। बैठक में स्वच्छता से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। डीआरडीए की परियोजना अधिकारी अस्मिता ठाकुर ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की प्रगति का ब्यौरा प्रस्तुत किया। इस अवसर पर जिला परिषद अध्यक्ष अनीता शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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