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हमीरपुर ईसीएचएस पॉलीक्लीनिक में भूतपूर्व सैनिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, 10 लाख से बना नया फीजियोथैरेपी सेंटर

भूतपूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए हमीरपुर स्थित ईसीएचएस पॉलीक्लीनिक में कई विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। पॉलीक्लीनिक में इलाज के साथ-साथ जांच, दवाइयों, फीजियोथैरेपी और पेंशन संबंधी परामर्श की सुविधा भी एक ही परिसर में उपलब्ध करवाने का प्रयास किया गया है। ईसीएचएस पॉलीक्लीनिक के प्रभारी कर्नल (सेवानिवृत्त) चंद्रशेखर ने बताया कि करीब साढ़े आठ कनाल क्षेत्र में स्थापित इस परिसर में स्वास्थ्य सेवाओं के अलावा सीएसडी कैंटीन भी संचालित की जा रही है। इसके साथ ही रक्षा मंत्रालय के नमन प्रोजेक्ट के तहत भूतपूर्व सैनिकों की पेंशन संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए निशुल्क परामर्श केंद्र की सुविधा भी उपलब्ध है। 10 लाख रुपये से बना फीजियोथैरेपी सेंटर कर्नल चंद्रशेखर के अनुसार पॉलीक्लीनिक में हाल ही में लगभग 10 लाख रुपये की लागत से आधुनिक फीजियोथैरेपी सेंटर स्थापित किया गया है। सेंटर में नवीन तकनीक वाली मशीनरी और जरूरी व्यवस्थाएं की गई हैं। उन्होंने बताया कि बढ़ती उम्र के साथ होने वाली कई बीमारियों और शारीरिक समस्याओं में केवल दवाइयों के बजाय फीजियोथैरेपी भी काफी उपयोगी साबित होती है। इसी आवश्यकता को देखते हुए पॉलीक्लीनिक में नया सेंटर शुरू किया गया है। इसमें एक समय में 15 से 20 मरीजों की फीजियोथैरेपी की जा सकती है। पांच डॉक्टर और दो डेंटल सर्जन दे रहे सेवाएं पॉलीक्लीनिक में इस समय पांच डॉक्टर, दो डेंटल सर्जन और अन्य स्वास्थ्य कर्मचारी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। यहां मरीजों के लिए कई प्रकार के लैब टेस्ट की सुविधा भी उपलब्ध है। इससे पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों को सामान्य स्वास्थ्य जांच के लिए अलग-अलग स्थानों पर जाने की जरूरत कम हुई है। पॉलीक्लीनिक में रोजाना ओपीडी में औसतन करीब 400 मरीज पहुंचते हैं। जिला हमीरपुर के लगभग 45 हजार भूतपूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को यहां से स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं। पूरी प्रक्रिया कंप्यूटराइज्ड और पेपरलैस ईसीएचएस पॉलीक्लीनिक में मरीजों के पंजीकरण से लेकर ओपीडी जांच, लैब टेस्ट और फार्मेसी से दवाइयों के वितरण तक की पूरी प्रक्रिया कंप्यूटराइज्ड की गई है। इस व्यवस्था से मरीजों का रिकॉर्ड व्यवस्थित तरीके से उपलब्ध रहता है और कागजी कार्रवाई भी कम हुई है। कंप्यूटर में ईसीएचएस कार्ड नंबर डालते ही मरीज का पूरा विवरण एक क्लिक पर सामने आ जाता है। इससे पंजीकरण और उपचार की प्रक्रिया में सुविधा तथा समय की बचत होती है। एक परिसर में कई सुविधाओं का लाभ कर्नल चंद्रशेखर ने बताया कि पॉलीक्लीनिक में चिकित्सा सेवाओं के अलावा पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को अन्य जरूरी सुविधाएं भी एक ही स्थान पर उपलब्ध करवाने का प्रयास किया गया है। इसका लाभ जिले के हजारों पूर्व सैनिक परिवारों को मिल रहा है।

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