मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और प्रदेश सरकार को लेकर भाजपा विधायक आशीष शर्मा की ओर से लगाए गए आरोपों के बाद हमीरपुर में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। अब एपीएमसी हमीरपुर के चेयरमैन अजय शर्मा ने विधायक के आरोपों पर पलटवार किया है। वीरवार को प्रेस वार्ता में अजय शर्मा ने कहा कि यदि विधायक के पास सरकार या मुख्यमंत्री से जुड़े मामलों को लेकर ठोस तथ्य हैं तो उन्हें केवल बयानबाजी तक सीमित रखने के बजाय अदालत में हलफनामा दाखिल करना चाहिए। बुधवार को हमीरपुर के गांधी चौक पर भाजपा ने प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया था। इस दौरान विधायक आशीष शर्मा ने मुख्यमंत्री और सरकार पर कई सवाल उठाए थे। उन्होंने जमीन की खरीद-फरोख्त, हमीरपुर बस अड्डे के निर्माण और रोबोटिक सर्जरी उपकरणों की खरीद से जुड़े मामलों को लेकर सरकार से जवाब मांगा था। अजय शर्मा ने इन्हीं बयानों को लेकर सदर थाना में शिकायत देने की बात कही है। पुलिस के अनुसार शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने यह भी कहा है कि प्राथमिकी दर्ज होना जांच की शुरुआत है और आरोपों की वास्तविक स्थिति जांच तथा आगे की कानूनी प्रक्रिया में स्पष्ट होगी। भाजपा विधायक आशीष शर्मा ने प्रदर्शन के दौरान हमीरपुर बस अड्डे के निर्माण में खर्च और भुगतान को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने रोबोटिक सर्जरी उपकरणों की खरीद में भी कथित अनियमितताओं और कमीशनखोरी के आरोप लगाए थे। ये आरोप विधायक की ओर से लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अजय शर्मा ने कहा कि यदि इन आरोपों के पीछे दस्तावेज और तथ्य हैं तो उन्हें सामने रखा जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री और सरकार की छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए तथ्यों से परे बयान दिए जा रहे हैं। इस मामले में अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के साथ पुलिस जांच भी शुरू हो गई है। कांग्रेस पक्ष की ओर से पहले भी विधायक से अपने आरोपों के समर्थन में तथ्य सामने रखने की मांग की गई थी। वहीं, भाजपा विधायक आशीष शर्मा ने जिन मुद्दों को उठाया है, उनमें बस अड्डे, जमीन और रोबोटिक उपकरणों की खरीद से जुड़े सवाल शामिल हैं। इन मामलों में लगाए गए आरोपों और उनके जवाब का अंतिम तथ्य जांच, दस्तावेजों और संबंधित आधिकारिक रिकॉर्ड से ही स्पष्ट होगा।