तिब्बती धर्मगुरु दलाईलामा शुक्रवार को करीब ढाई से तीन महीने बाद अपने स्थायी निवास मैक्लोडगंज लौट आए। दिल्ली में घुटने की सफल सर्जरी और इसके बाद लद्दाख प्रवास पूरा करने के बाद शुक्रवार सुबह वह गगल हवाई अड्डे पहुंचे। यहां से मैक्लोडगंज स्थित मुख्य बौद्ध मंदिर तक उनके स्वागत में जगह-जगह श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। पारंपरिक खाता, अगरबत्तियों और पुष्पों के साथ लोगों ने धर्मगुरु का अभिनंदन किया। गगल हवाई अड्डे पर केंद्रीय तिब्बती प्रशासन (सीटीए) के वरिष्ठ अधिकारी, निर्वासित तिब्बती संसद के सदस्य, भिक्षु और बड़ी संख्या में स्थानीय अनुयायी दलाईलामा के स्वागत के लिए मौजूद रहे। हवाई अड्डे से मैक्लोडगंज तक सड़क के दोनों ओर लोगों की भीड़ नजर आई। उल्लेखनीय है कि दलाईलामा जून माह में धर्मशाला से नई दिल्ली रवाना हुए थे। आठ जून को दिल्ली में उनके बाएं घुटने की रिप्लेसमेंट सर्जरी हुई। स्वास्थ्य लाभ के बाद 28 जून को वह लेह पहुंचे और इसके बाद 69 दिन तक लद्दाख में रहे। इस दौरान उन्होंने धार्मिक प्रवचन दिए, विशेष प्रार्थना सभाओं में हिस्सा लिया और श्रद्धालुओं से मुलाकात की। दलाई लामा की वापसी पर मैक्लोडगंज में आस्था और उत्साह का माहौल था, लेकिन स्वागत मार्ग की बदहाली ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए।