मेजर विजय सिंह मनकोटिया के निधन के साथ हिमाचल की राजनीति ने एक ऐसे नेता को खो दिया, जिसकी पहचान सिर्फ पदों से नहीं बल्कि बेबाक अंदाज और सैनिक वाली स्पष्टता से बनी। शाहपुर विधानसभा क्षेत्र से पांच बार चुनाव जीतने वाले मनकोटिया का सियासी सफर कई दिलचस्प और विवादित घटनाओं से भरा रहा। सबसे रोचक बात यह रही कि पांच बार विधायक बनने के बावजूद वह कभी खुद को वोट नहीं कर पाए, क्योंकि उनका पैतृक गांव तियारा कांगड़ा विधानसभा क्षेत्र में आता है। निर्दलीय विधायक से मंत्री बनने और वीरभद्र सिंह से राजनीतिक टकराव तक उनके सफर के कई किस्से हिमाचल की सियासत में लंबे समय तक चर्चा में रहे।