जनगणना-2027 में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की अलग से गणना करवाने की मांग को लेकर राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा ने बुधवार को डीसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। इससे पहले मोर्चा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उपायुक्त कार्यालय के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर केंद्र सरकार से ओबीसी की वैज्ञानिक और प्रमाणिक गणना करवाने की मांग रखी। धरने के दौरान वक्ताओं ने कहा कि देश में ओबीसी की वास्तविक जनसंख्या का सही आंकड़ा सामने आना जरूरी है। इसी आधार पर शिक्षा, रोजगार, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और अन्य कल्याणकारी योजनाओं में नीतियां तैयार की जा सकती हैं। मोर्चा ने मांग की कि जिस पद्धति से अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की जनगणना की जाती है, उसी तर्ज पर ओबीसी की भी अलग से गणना की जाए। ओबीसी विशेष वर्ग से महेंद्र सिंह चौधरी ने कहा कि जनगणना में ओबीसी की वास्तविक संख्या दर्ज होना सामाजिक न्याय के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार को ओबीसी की आबादी के प्रमाणिक आंकड़े सामने लाने के लिए जातिवार गणना की स्पष्ट और मानकीकृत व्यवस्था करनी चाहिए। खुले कॉलम के बजाय प्रत्येक जाति के लिए अलग कोड निर्धारित किया जाए, ताकि आंकड़ों में किसी तरह की अस्पष्टता न रहे।