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धर्मशाला की डल झील में पहली बार होगी महाआरती, 18-19 सितंबर को लगेगा दो दिवसीय मेला

पर्यटन नगरी धर्मशाला की प्रसिद्ध डल झील में इस बार धार्मिक आस्था, संस्कृति और सामाजिक जागरूकता का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। प्रशासन की ओर से 18 और 19 सितंबर को डल झील में दो दिवसीय मेले का आयोजन किया जा रहा है। मेले को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं और विभिन्न विभाग आयोजन को सफल बनाने में जुटे हुए हैं। इस बार मेले का सबसे प्रमुख आकर्षण डल झील में पहली बार होने वाली महाआरती रहेगी। चामुंडा मंदिर के पुजारी विधिवत रूप से महाआरती करवाएंगे। आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं को धार्मिक वातावरण में शामिल होने का अवसर मिलेगा। डल झील में महाआरती का यह पहला आयोजन होने के कारण स्थानीय लोगों और पर्यटकों में भी खास उत्साह है। मेले के दौरान नशे के खिलाफ लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से नशा मुक्ति रैली भी निकाली जाएगी। यह रैली टैगल मोड़ से कैंट तक आयोजित होगी। रैली के माध्यम से युवाओं और आम लोगों को नशे से दूर रहने तथा स्वस्थ समाज के निर्माण का संदेश दिया जाएगा। प्रशासन की ओर से धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ सामाजिक सरोकारों को भी मेले का हिस्सा बनाया गया है। इससे आयोजन को केवल मनोरंजन तक सीमित न रखकर जनजागरूकता से भी जोड़ा जा रहा है। 19 सितंबर को सुबह चार बजे ब्रह्ममुहूर्त में शाही स्नान का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान श्रद्धालु डल झील में आस्था की डुबकी लगाएंगे। शाही स्नान को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ब्रह्ममुहूर्त में स्नान का विशेष महत्व माना जाता है। मेले में स्कूलों के बच्चों की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए जाएंगे। बच्चे अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से हिमाचली संस्कृति, लोक परंपराओं और सामाजिक संदेशों को मंच पर प्रस्तुत करेंगे। मेले के दौरान विभिन्न विभागों की ओर से छह स्टॉल लगाए जाएंगे। इसके अलावा स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को भी दो स्टॉल उपलब्ध करवाए जाएंगे। इन स्टॉलों पर स्थानीय उत्पादों और महिलाओं की ओर से तैयार किए गए सामान को प्रदर्शित किया जाएगा। इस पहल से स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलने के साथ स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को अपने उत्पादों की पहचान बनाने और उन्हें लोगों तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा। मेले में आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक स्थानीय वस्तुओं की खरीदारी भी कर सकेंगे। दो दिवसीय आयोजन के माध्यम से डल झील क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन, स्थानीय संस्कृति और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशासन को उम्मीद है कि मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, स्थानीय लोग और पर्यटक शामिल होंगे।

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