हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के हाल में सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज की अध्यक्षता में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में केंद्र सरकार की और से प्रायोजित विभिन्न योजनाओं की प्रगति, फंडिंग और उनके क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। सांसद ने कहा कि दिशा की बैठक हर तीन महीने में आयोजित होती है, जिसका मुख्य उद्देश्य केंद्रीय योजनाओं की निगरानी करना और योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं को दूर करना है। उन्होंने कहा कि अधिकांश केंद्रीय योजनाओं में केंद्र और राज्य सरकार की हिस्सेदारी निर्धारित होती है, जबकि कई योजनाओं में केंद्र सरकार की ओर से 100 फीसदी फंडिंग की जाती है। दिशा समिति के चेयरमैन के रूप में इन योजनाओं की समीक्षा कर रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजी जाती है। उन्होंने विभागों के कार्यों पर संतोष व्यक्त किया। इस दौरान सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने केंद्रीय योजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, विशेषकर सांसद की अनदेखी पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं के उद्घाटन या शिलान्यास की जानकारी स्थानीय सांसद को दी जानी चाहिए और कार्यक्रम में उनकी मौजूदगी सुनिश्चित होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री किसी योजना का उद्घाटन करते हैं तो उन्हें इसका पूरा अधिकार है, लेकिन शिलान्यास या उद्घाटन पट्टिका पर संबंधित क्षेत्र के सांसद का नाम और उनकी भागीदारी भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। फोरलेन निर्माण को लेकर सांसद ने कहा कि चक्की से लेकर परौर तक करीब 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि हिमाचल की भौगोलिक परिस्थितियों और बरसात के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हुआ है। अधिकारियों ने शेष करीब 20 फीसदी काम को आगामी 7-8 महीनों में पूरा करने का आश्वासन दिया है।