जम्मू-कश्मीर के भद्रवाह स्थित सरथल से 40 श्रद्धालुओं का जत्था रविवार को भजन-कीर्तन और भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए चंबा पहुंचा। हाथों में धार्मिक ध्वज लिए श्रद्धालु ऐतिहासिक चंबा चौगान पहुंचे, जहां कुछ समय विश्राम करने के बाद जत्था मणिमहेश यात्रा के लिए भरमौर की ओर रवाना हो गया। जत्थे के चंबा पहुंचने से चौगान का माहौल भक्तिमय हो गया। श्रद्धालु पूरे रास्ते भजन गाते और भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। चौगान में मौजूद स्थानीय लोगों ने भी जत्थे का स्वागत किया। जत्थे में शामिल श्रद्धालुओं ने बताया कि वे हर वर्ष मणिमहेश यात्रा के लिए चंबा पहुंचते हैं। भगवान शिव के प्रति गहरी आस्था के चलते इस बार भी उन्होंने सरथल से पैदल यात्रा शुरू की और चंबा पहुंचे। श्रद्धालुओं ने बताया कि यात्रा के दौरान धार्मिक उत्साह और आस्था के साथ वे आगे बढ़ रहे हैं। चंबा पहुंचने के बाद चौगान में कुछ समय रुककर उन्होंने विश्राम किया और इसके बाद भजन-कीर्तन करते हुए भरमौर की ओर रवाना हुए। जत्थे में शामिल श्रद्धालु भरमौर पहुंचने के बाद मणिमहेश झील की ओर जाएंगे। यहां पवित्र स्नान करने के साथ भगवान शिव के दर्शन करेंगे। यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। मणिमहेश यात्रा के चलते चंबा से भरमौर तक इन दिनों श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ गई है। पड़ोसी राज्यों और जम्मू-कश्मीर समेत विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु पैदल, बसों और निजी वाहनों से चंबा पहुंच रहे हैं। इससे पूरे क्षेत्र में धार्मिक और उत्सवी माहौल बना हुआ है।