बिलासपुर जिले के घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र में लंबे समय से पेयजल संकट का सामना कर रहे लोगों के लिए राहत की उम्मीद जगी है। करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रही करलोटी-कपाहड़ा पेयजल योजना का निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है। योजना की टेस्टिंग शुरू हो चुकी है और सोहनी देवी मंदिर के पास बने टैंक तक पानी पहुंचा दिया गया है। इसके शुरू होने से क्षेत्र की 11 ग्राम पंचायतों के 31 गांवों के करीब 25 हजार लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है। तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह घुमारवीं में जनसमस्याएं सुनने के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि योजना के तहत मल्यावर के पास सतलुज नदी से पानी उठाया जा रहा है। निर्माण कार्य दो चरणों में किया गया है। पहले चरण में मल्यावर के भटोली से संबंधित काम किया गया, जबकि दूसरे चरण में पनोह और फेटीधार क्षेत्र में कार्य पूरा किया जा रहा है। अब योजना की टेस्टिंग शुरू कर दी गई है। करलोटी-कपाहड़ा पेयजल योजना से कोटलू, कपाहड़ा, करलोटी, छत, संडयार, पपलाह और पलासला सहित 11 ग्राम पंचायतों के लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है। योजना के शुरू होने से क्षेत्र में पेयजल की उपलब्धता बढ़ाने और नियमित जलापूर्ति में सुधार करने में मदद मिलेगी। क्षेत्र में लंबे समय से बनी पेयजल समस्या को देखते हुए इस योजना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, लोगों को नियमित आपूर्ति का वास्तविक लाभ योजना की टेस्टिंग पूरी होने और इसके संचालन में आने के बाद मिलेगा। राजेश धर्माणी ने बताया कि घुमारवीं क्षेत्र में सतलुज नदी से पानी उठाकर तीन पेयजल योजनाओं पर काम किया जा रहा है। इनमें से दो योजनाएं निर्माण के अंतिम चरण में हैं, जबकि तीसरी योजना का काम जारी है। इसे भी जल्द पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इन योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता बेहतर बनाना और लोगों को पानी की समस्या से राहत दिलाना है। पेयजल योजनाओं के साथ क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। सतलुज नदी के साथ लगती औहर, बकरोआ, अवारी और पनोह पंचायतों के लिए करीब 15 करोड़ रुपये की सिंचाई योजना का निर्माण कार्य जारी है। इसके अलावा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत करीब 75 करोड़ रुपये की एक अन्य योजना प्रस्तावित की गई है। इसे मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेजा गया है। इन योजनाओं के पूरा होने से किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने में मदद मिलने और कृषि उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है। तकनीकी शिक्षा मंत्री ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में सीवरेज नेटवर्क स्थापित करने के लिए भी योजनाएं प्रस्तावित की गई हैं। इनकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट को मंजूरी दिलाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। इस दौरान मंत्री ने विश्राम गृह में लोगों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने अधिकतर समस्याओं का मौके पर समाधान किया और शेष मामलों में संबंधित विभागों के अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना और लोगों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध करवाना सरकार की प्राथमिकता है।