प्रदेश सरकार की चुनावी गारंटियों और विभिन्न जनहित के मुद्दों को लेकर जिला भाजपा संयुक्त मोर्चा ने राज्यपाल को ज्ञापन भेजा। यह ज्ञापन नायब तहसीलदार झंडूता के माध्यम से भेजा गया, जिसमें भाजपा ने सरकार से चुनावी वादों के क्रियान्वयन की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। भाजपा संयुक्त मोर्चा ने ज्ञापन में कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस की ओर से प्रदेश की जनता के सामने दस चुनावी गारंटियां रखी गई थीं। भाजपा ने सरकार से पूछा कि इनमें से कितनी गारंटियां पूरी हो चुकी हैं और बाकी वादों को पूरा करने के लिए क्या समयसीमा निर्धारित की गई है। ज्ञापन में महिलाओं को हर महीने ₹1500 देने के चुनावी वादे को प्रमुखता से उठाया गया। भाजपा ने सरकार से इस वादे के क्रियान्वयन की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। इसके साथ ही पांच लाख रोजगार देने के वादे को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा गया। भाजपा संयुक्त मोर्चा ने रोजगार के अवसरों और बेरोजगारी की स्थिति को लेकर सरकार की जवाबदेही तय करने की मांग की। ज्ञापन में प्रदेश में बढ़ते नशे के प्रभाव को लेकर भी चिंता जताई गई। भाजपा ने विशेष रूप से युवाओं को नशे से बचाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की। इसके अलावा प्रदेश में बेरोजगारी, कानून-व्यवस्था और महंगाई जैसे मुद्दों को भी ज्ञापन में शामिल किया गया। भाजपा संयुक्त मोर्चा ने इन मामलों पर सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग उठाई। भाजपा का कहना है कि सरकार को चुनाव के दौरान किए गए वादों की वर्तमान स्थिति जनता के सामने स्पष्ट करनी चाहिए। ज्ञापन के माध्यम से पार्टी ने सरकार से यह बताने की मांग की कि कौन-कौन से वादे पूरे हुए हैं और शेष वादों को कब तक पूरा किया जाएगा। राजनीतिक रूप से, ये सवाल भाजपा संयुक्त मोर्चा की ओर से उठाए गए आरोप और मांगें हैं। इनके जवाब में सरकार या कांग्रेस का पक्ष इस उपलब्ध सामग्री में शामिल नहीं है।