सोनीपत। अखिल भारतीय राज्य सरकारी पेंशनर फेडरेशन के आह्वान पर रिटायर कर्मचारी संघ हरियाणा के सैकड़ों सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने मंगलवार को उपायुक्त कार्यालय परिसर में 24 घंटे का महापड़ाव शुरू किया। महापड़ाव की अध्यक्षता राम मेहर शर्मा ने की, जबकि संचालन जिला सचिव सुभाष चंद्र ने किया। पेंशनरों ने लंबे समय से लंबित मांगों का समाधान कराने की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की। कर्मचारी नेता शीलकराम मलिक ने बताया कि महापड़ाव के दौरान पेंशन विधेयक-2025 वापस लेने, आठवें वेतन आयोग के टर्म ऑफ रेफरेंस में पुनर्विचार को शामिल करने और महंगाई भत्ते (डीए) को वेतन व पेंशन में विलय करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। इसके अलावा पूर्ण पेंशन बहाल करने, अंतरिम राहत देने और कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की गई। पेंशनरों ने उम्र बढ़ने के साथ पेंशन में भी बढ़ोतरी करने, एनपीएस व यूपीएस को समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग रखी। वहीं, कम्यूटेशन की राशि की कटौती अवधि को 10 साल 8 महीने करने की मांग भी उठाई गई। महापड़ाव में जगदीश मोर,राजेंद्र मलिक, जयवीर सिंह राठी, ऋतुराज, महावीर मलिक, कर्मचारी सेल के राज्य प्रधान ऋतुराज, बिजली निगम से जितेंद्र, विकास, धर्मवीर, सूरत, संतलाल, श्रद्धानंद सोलंकी सहित अन्य पेंशनर मौजूद रहे। कांग्रेस के पूर्व विधायक सुखबीर फरमाना धरने को समर्थन किया। उन्होंने कहा कि 24 घंटे के महापड़ाव के माध्यम से उनकी मांगों और समस्याओं का संदेश सरकार तक पहुंचाया जाएगा।