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सोनीपत में हाईटेंशन लाइन के विरोध में किसानों का धरना दूसरे दिन भी जारी, सोहटी में पुलिस के बैरिकेड्स के सामने डटे किसान

खरखौदा के सोहटी में पावर ग्रिड की हाईटेंशन लाइन के विरोध में किसानों का आंदोलन बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। किसान पुलिस-प्रशासन की ओर से लगाए गए बैरिकेड्स के सामने धरने पर बैठे रहे। किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ भी दूसरे दिन भूख हड़ताल पर डटे रहे। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्या का समाधान होने तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि बुधवार को भूख हड़ताल का दूसरा दिन है और मंगलवार से उन्होंने अन्न त्यागकर केवल पानी का सेवन किया है। महापंचायत में प्रदेशभर से पहुंचे थे किसान अभिमन्यु कोहाड़ ने कहा कि मंगलवार को सोहटी में हुई महापंचायत में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से किसान पहुंचे थे। महापंचायत में पावर ग्रिड की हाईटेंशन लाइन को लेकर किसानों की चिंताओं और आगे की रणनीति पर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि आंदोलन को दबाने के बजाय प्रशासन को किसानों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए। किसानों ने कहा- रास्ता हमने नहीं, प्रशासन ने रोका धरना स्थल से किसानों को संबोधित करते हुए कोहाड़ ने कहा कि किसानों पर अक्सर सड़क अवरुद्ध करने का आरोप लगाया जाता है, जबकि सोहटी में पुलिस-प्रशासन ने बैरिकेड लगाकर रास्ता बंद किया हुआ है। उनका कहना था कि किसान अपने खेतों की ओर जाना चाहते थे, लेकिन रास्ता बंद होने के कारण उन्हें बैरिकेड्स के पास ही बैठना पड़ा। रोज सुबह 10 बजे धरना स्थल पहुंचने की अपील किसान नेता ने खरखौदा क्षेत्र के किसानों से आंदोलन में नियमित भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि किसान अपने जरूरी काम निपटाने के बाद प्रतिदिन सुबह 10 बजे धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि आंदोलन में गुणा और सोहटी के किसानों से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया जाएगा। दोपहर बाद तय होगी आंदोलन की अगली दिशा कोहाड़ ने बताया कि बुधवार को दोपहर बाद करीब तीन से चार बजे के बीच किसानों की बैठक होगी। इसमें आंदोलन की आगामी रणनीति पर विचार किया जाएगा। बैठक के बाद आगे की गतिविधियों की जानकारी दी जाएगी। इस दौरान धरना स्थल पर किसानों ने एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए किसान एकता और पावर ग्रिड के विरोध में नारे लगाए। भूख हड़ताल से बढ़ा आंदोलन का दबाव पावर ग्रिड की हाईटेंशन लाइन के विरोध में चल रहे आंदोलन के बीच किसान नेता के भूख हड़ताल पर बैठने से मामला और गंभीर हो गया है। कोहाड़ ने स्पष्ट किया कि मांगों पर समाधान होने तक धरना और उनका अनशन जारी रहेगा। बुधवार को भी धरना स्थल पर किसानों की मौजूदगी बनी रही और आंदोलन को आगे बढ़ाने को लेकर उनमें एकजुटता दिखाई दी।

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