सिरसा। बिजली वितरण व्यवस्था के निजीकरण के विरोध में हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर्स संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर मंगलवार को सिरसा सर्कल में बिजली कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने केंद्रीय बिजली मंत्री मनोहर लाल खट्टर, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और हरियाणा बिजली नियामक आयोग (एचईआरसी) के चेयरमैन मुकेश गर्ग के विजय दशमी के अवसर पर पुतले फूंककर सरकार की नीतियों के खिलाफ रोष जताया। कर्मचारियों ने गुरुग्राम और नूंह जिलों में निजी कंपनी इलेवन पावर को 25 वर्षों के लिए समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस देने के फैसले को वापस लेने की मांग की। प्रदर्शनकारी सुरेश मंगल ने कहा कि अधिक राजस्व वाले क्षेत्रों में निजी कंपनियों को बिजली वितरण का लाइसेंस देने से सरकारी बिजली निगमों, विशेषकर दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम की आर्थिक स्थिति प्रभावित होने की आशंका है। इसका असर कर्मचारियों की नौकरी की सुरक्षा के साथ-साथ किसानों और आम बिजली उपभोक्ताओं के हितों पर भी पड़ सकता है। संयुक्त मोर्चा ने कहा कि बिजली जैसी आवश्यक जनसेवा को निजी कंपनियों के हवाले करने के प्रयासों का पुरजोर विरोध किया जाएगा। प्रदर्शन में सर्कल सचिव सतिंदर मोंगा, मदन कंबोज, यूनिट प्रधान सीताराम सोनी, मीत चंद, सुरेश मंगल, सतवीर, राकेश जांगड़ा, जसपाल, अमरीक, धर्मेंद्र जेई और राय सिंह सहित सिरसा सर्कल के अनेक कर्मचारी मौजूद रहे। -------- तीन दिवसीय प्रदेशव्यापी हड़ताल का ऐलान संयुक्त मोर्चा ने निजीकरण के फैसले के खिलाफ आंदोलन तेज करने की घोषणा की है। संघर्ष कार्यक्रम के तहत 21 अक्टूबर को सुबह 11 बजे सभी सब-डिवीजनों में एचईआरसी के आदेश की प्रतियां जलाई जाएंगी। इसके बाद 22, 23 और 24 अक्टूबर को प्रदेशव्यापी तीन दिवसीय हड़ताल की जाएगी। सिरसा में सिटी और इंडस्ट्रियल एरिया सब-यूनिट संयुक्त रूप से विरोध प्रदर्शन करेंगी। वहीं सब-अर्बन और टीएल सब-यूनिट भी मिलकर कार्यक्रम आयोजित करेंगी।