हजरत ख्वाजा हाफिज शम्सुदीन शम्युलअर्ज शाह विलायत साहब तुर्क में मंगलवार को तीन दिवसीय 746वां सालाना उर्स मुबारक का दूसरा दिन रहा। अंजुमन गुलामाने चिश्तिया साबरिया वेल्फेयर सोसायटी के अध्यक्ष सज्जादानशीन और मुतवल्लि ने सुबह कलंदर दरगाह में दूध की रस्म अदा की और देश की शांति और खुशहाली के लिए दुआ की। हजारों अकीदतमंदों के साथ चादर मुबारक का जुलूस कलंदर चौक से दस्माठ आठ विलीयत साहब (रह) के मजार पर पहुंचा। कलंदर दरगाह में दूध की रस्म की अदा के बाद सूफीयाना कलामों पर जायरीन झूम उठे। मुख्यातिथि अल्लम नह राष्ट्रीय प्रभारी आयकोची सुपी ने चादरपोशी की। देर रात तक चले कार्यक्रम में कव्वालियों ने सुफीयाला कलामों से सबका मन मोहा। सय्यद ख्वाजा मेराज हुसैन सावरी ने बताया कि सालाना उर्स मुबारक के दूसरे दिन देश-विदेश व दूर-दराज के क्षेत्रों से लाखों अकीदतमंद जायरीन पहुंचे जिनके रहने व खाने-पीने की व्यवस्था भी सोसायटी द्वारा की गई है। मंगलवार को नमाज अदा कर देश में अमनो-अमान, शांति, खुशहाली और भाईचारे के लिए दुआ की। दोपहर बाद कलंदर दरगाह से जुलूस निकाला गया जिसमें हजारों अकीदतमंद शामिल हुए। जमाज ईशा महफिल-ए-शमा चालियों का आयोजन किया गया इसमें दूसरे राज्यों से पहुंचे कव्वालों ने शिरकत की और देर रात तक अपने सुफीयाला कलामों से लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। इस अवसर पर दरगाह के सुरेश कुमार कांगडा, हाजी जुनैद इकराम, सोडराब साबरी, इरशाद अली अंसारी, हारुन खाथ, मुस्तकीम, वसीम और इसरार उपस्थित रहे।