राष्ट्रीय क्रेच ( शिशु गृह ) योजना का शुभारंभ महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा एक जनवरी 2006 को किया गया था। योजना के अंतर्गत बाल विकास विभाग द्वारा जिला नागरिक अस्पताल में एक क्रेच सेंटर पिछले तीन साल से चलाया जा रहा है। इसके तहत शिशु गृह में प्रतिदिन छह माह से पांच साल तक के 20 से 25 बच्चे पहुंच रहे हैं। जिन्हें खेल-खेल में शिक्षा भी दी जा रही है और उनके सर्वांगीण विकास के लिए खेल भी खिलाए जाते हैं। शिशु गृह में बच्चों के रहने का समय सुबह नौ से दोपहर तीन बजे तक का होता है। जिला बाल कल्याण अधिकारी रितु राठी ने बताया कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा जिले में क्रेच सेंटर चलाए जा रहे हैं। इसी के अंतर्गत जिला नागरिक अस्पताल में भी ओपीडी का धरातल तल के एक कार्नर में शिशु गृह बनाया गया है। इसमें बच्चों के बैठने, पीने के लिए पानी, कूलर, पंखे, टीवी के माध्यम से बच्चों को लिए पढ़ने की व्यवस्था भी की गई है। शिशु गृह में छह माह से पांच साल तक के प्रतिदिन 20 से 25 बच्चे पहुंच रहे हैं। शिशु गृह का समय नौ से तीन बजे तक का होता है। इसमें ज्यादातर अस्पताल में चिकित्सक व स्टाफ के बच्चे भी शामिल होते हैं। वहीं मरीजों को बच्चों को भी शिशु गृह में रखा जाता है ताकि बच्चे अस्पताल में यहां-वहां घूमते हुए इंफैक्शन की चपेट में न आए और अभिभावक भी निश्चित होकर इलाज व दवा ले सके।