नारनौल। मरीज के पेट में दर्द आज हो रहा है, लेकिन अल्ट्रासाउंड जांच पंद्रह दिन बाद की जाएगी। क्योंकि नागरिक अस्पताल में संसाधन कम और अल्ट्रासाउंड की जांच करवाने वाले मरीजों की संख्या अधिक है। अल्ट्रासाउंड जांच नहीं होने तक चिकित्सक भी उचित उपचार नहीं कर पाते और मरीजों को दर्द निवारक दवाओं के सहारे दिन गुजारने पड़ते हैं। पेट में दर्द, पथरी दर्द व पेशाब में समस्या सहित अन्य पेट संबंधित बीमारियों से अनेक मरीज प्रतिदिन उपचार करवाने नागरिक अस्पताल आते हैं। अधिकतर मामलों में चिकित्सक पहले अल्ट्रासाउंड जांच ही लिखते हैं ताकि जांच के आधार पर दवाइयां लिखी जा सकें। लेकिन जब मरीज जांच के लिए अल्ट्रासाउंड केंद्र पर पहुंचते हैं तो उन्हें पंद्रह दिन बाद की तारीख दी जाती है। जिस कारण अनेक मरीज मजबूरन बाहर से जांच करवाते हैं और आर्थिक रूप से कमजोर लोग जांच की तारीख का इंतजार करते हैं। लंबित मामले अधिक चल रहे : नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन करीब 50 मरीजों की अल्ट्रासाउंड जांच की जाती है। इस समय करीब 500 जांच लंबित चल रही हैं। वहीं प्रतिदिन करीब 50 मरीज ही अल्ट्रासाउंड करवाने आते हैं। ऐसे में 25 सितंबर को जो मरीज जांच करवाने के लिए नागरिक अस्पताल आए उन्हें 6 अक्तूबर की तिथि दी गई। जांच शिविर लगाकर लंबित मामले निपटाए जा सकते हैं : नागरिक अस्पताल में अल्ट्रासाउंड जांच के लंबित मामले लंबे समय से चल रहे हैं और मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन फिर भी स्वास्थ्य विभाग की ओर से लंबित मामलों के निपटान के लिए खास कदम नहीं उठाए गए। विशेषज्ञों की राय के अनुसार यदि नागरिक अस्पताल में एक सप्ताह के लिए शिविर लगाकर लंबित अल्ट्रासाउंड की जांच की जाए तो उसके बाद प्रतिदिन जांच के लिए आने वाले मरीजों की जांच उसी दिन होना संभव हो सकता है। मेरे पेट में दर्द था, जिसके उपचार के लिए मैं 10 सितंबर को नागरिक अस्पताल आया था। चिकित्सक ने दर्द के कारण का पता करने के लिए अल्ट्रासाउंड जांच लिखी, लेकिन मुझे 25 सितंबर की तारीख दी गई और 15 दिन बाद मेरी जांच हो पाई। मोहन, मोहल्ला- पुरानी सराय मेरी बेटी के पेट में दर्द था और 11 सितंबर को नागरिक अस्पताल उपचार के लिए आए थे। लेकिन अल्ट्रासाउंड जांच के लिए 25 सितंबर की तारीख दी गई और जब आज सुबह पहुंचे तो तीन घंटे के इंतजार के बाद जांच हो पाई। केवल पेन किलर दवाइयां खाकर जांच के दिन का इंतजार करते रहे क्योंकि बाहर अल्ट्रासाउंड की फीस बहुत महंगी थी। सुनील, गांव- रसूलपुर प्रतिदिन करीब 50 मरीजों की अल्ट्रासाउंड जांच की जाती है। वहीं, आपातकालीन, ऑपरेशन व गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड तुरंत किए जाते हैं। अल्ट्रासाउंड की श्रेणी अनुसार एक जांच करने में 15 से 30 मिनट का समय लगता है और यह भी ध्यान रखा जाता है कि जांच की गुणवत्ता बेहतर बनी रहे। डॉ. विजय डबास, उप चिकित्सा अधीक्षक, नागरिक अस्पताल, नारनौल।