नारनौल। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) से नारनौल-रेवाड़ी क्षेत्र समेत दक्षिण हरियाणा के औद्योगिक विकास को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। उत्तर पश्चमी रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने बताया कि रेवाड़ी से राजस्थान के पालनपुर तक गुजर रहा करीब 567 किलोमीटर लंबा वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर देश में किसी एक राज्य से गुजरने वाला सबसे लंबा फ्रेट कॉरिडोर खंड है। इसके साथ ही बजट 2026-27 में पश्चिम बंगाल के दुनकुनी से गुजरात के सूरत तक 2052 किलोमीटर लंबे नए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की घोषणा की गई है। रेवाड़ी डीएफसी का अहम जंक्शन होने के कारण नारनौल-महेंद्रगढ़ क्षेत्र के लिए भी इसका विशेष महत्व है। डीएफसी के जरिए मालगाड़ियों के तेज और निर्बाध संचालन से औद्योगिक इकाइयों को कच्चे माल और तैयार उत्पादों की आवाजाही में सुविधा मिलेगी। इससे परिवहन समय और लॉजिस्टिक्स लागत कम होने के साथ नए उद्योग और निवेश आकर्षित होने की उम्मीद है। डीएफसी पर मालगाड़ियों का संचालन होने से मौजूदा रेल लाइनों पर यात्री ट्रेनों के लिए क्षमता बढ़ेगी। इससे ट्रेनों के समय पालन में सुधार और नई यात्री सेवाओं के लिए रास्ता आसान होगा। बजट में घोषित दुनकुनी-सूरत डीएफसी देश के मौजूदा फ्रेट कॉरिडोर नेटवर्क को और विस्तार देगा। वर्तमान में ईस्टर्न डीएफसी 1337 और वेस्टर्न डीएफसी 1506 किलोमीटर लंबा नेटवर्क उपलब्ध करा रहे हैं। नए कॉरिडोर से औद्योगिक क्षेत्रों, बंदरगाहों और लॉजिस्टिक्स केंद्रों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी।