नारनौल। हरियाणा अनुसूचित जाति राजकीय अध्यापक संघ (हजरस) ने शुक्रवार को नांगल चौधरी में मुख्यमंत्री हरियाणा के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इसमें अनुसूचित जाति के अधिकारों और विभिन्न मांगों पर सरकार से जल्द कार्रवाई की अपील की गई। ज्ञापन में प्रमुख मांगों में प्रथम और द्वितीय श्रेणी की पदोन्नति में अनुसूचित जाति के लिए आरक्षण सुनिश्चित करना शामिल है। एसीपी में 50 फीसदी अंकों और 'फिट फॉर प्रमोशन' की शर्त हटाने की भी मांग की गई। सरकारी भर्तियों में अनुसूचित जाति के 20 फीसदी कोटे को लागू करने पर जोर दिया गया। इसके अलावा, सभी प्राथमिक विद्यालयों में एचटी के पद सुनिश्चित करने की मांग रखी गई। प्रदेश के सभी विभागों में रोस्टर रजिस्टर का नियमित संधारण करने को कहा गया। साथ ही, अनुसूचित जाति के 20 फीसदी कोटे को लागू करने की भी मांग की गई। संघ ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम को बंद कर सभी भर्तियां स्थायी आधार पर करने की अपील की। एचकेआरएन कर्मचारियों के वेतन से जीएसटी हटाने की भी मांग की गई। हजरस के प्रधान दिनेश कुमार निम्बड़िया ज्ञापन सौंपते समय उपस्थित थे। उनके साथ वरिष्ठ उपप्रधान सुरत सिंह और उपप्रधान होशियार सिंह बागोतिया भी मौजूद थे। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि वे अनुसूचित जाति कर्मचारियों के अधिकारों और मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से उठाते रहेंगे। उन्होंने सरकार से मांगों पर सकारात्मक विचार करने की अपील की। जल्द समाधान के कदम उठाने की भी मांग की गई।