माता-पिता भगवान का स्वरूप : राधे प्रिय करनाल। सेक्टर-8 स्थित श्री राम मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा का वीरवार को विश्राम हुआ। कथा के अंतिम दिन देवी राधे प्रिय ने कहा कि जीवित अवस्था में मां-बाप भगवान का ही स्वरूप होते हैं। माता-पिता की सेवा करने से जीवन में सुख शांति के साथ स्वर्ग की प्राप्ति संभव है। गायक मुकेश शर्मा और शीतल शर्मा ने भजनों की प्रस्तुति दी। इस अवसर जगन बत्रा, डॉ. केएल डांग, अमन धमीजा, संजय बत्रा, रविंद्र बत्रा आदि मौजूद रहे। संवाद