नीलोखेड़ी, 9 अक्तूबर। नीलोखेड़ी क्षेत्र के गांव सीकरी निवासी जतिन कुमार की अमेरिका के कैलिफोर्निया के ओलेथ केनसस क्षेत्र में बुधवार को अलसुबह हुए सडक़ हादसे में मौत हो जाने से गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार के लिए यह दुखद समाचार किसी बड़े सदमे से कम नहीं है। जिस बेटे को परिवार ने बेहतर भविष्य और आर्थिक खुशहाली की उम्मीद के साथ विदेश भेजा था, उसकी असमय मौत ने परिजनों के सपनों को तोडक़र रख दिया है। हादसे की सूचना मिलने के बाद से परिवार में मातम पसरा हुआ है और गांव के लोग शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दे रहे हैं। सीकरी निवासी साहिल ने बताया कि रिश्तेदारों से कर्ज लेकर छोटे भाई जतिन को चार साल पहले अमेरिका भेजा था। उसके मन में अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने और घर-परिवार को खुशहाल बनाने का सपना था। परिवार को भी उम्मीद थी कि विदेश में मेहनत करके जतिन न केवल लिया गया कर्ज चुका देगा, बल्कि घर की आर्थिक परेशानियों को दूर करने में भी मदद करेगा। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। परिवार की खुशियों और उम्मीदों का सहारा बना जतिन अब इस दुनिया में नहीं रहा। शुक्रवार को सीकरी के सरपंच प्रतिनिधि सतबीर सिंह ने परिजनों सहित करनाल के पुलिस अधीक्षक करण गोयल तथा सांसद मनोहर लाल खट्टर के प्रतिनिधि कविन्द्र राणा से मिलकर शव को भारत लाने की गुहार लगाई है। बॉक्स : सडक़ पर बिखरे कुकिंग ऑयल के कारण अनियंत्रित हुआ ट्रक साहिल ने बताया कि अमेरिका में ही रह रहे ममेरे भाई विशाल ने 7 अक्तूबर को फोन करके बताया कि जतिन की सडक़ हादसे में ट्रक पलटने से मौत हो गई है। उसने बताया कि जतिन कुमार बुधवार तडक़े करीब ढाई बजे अपने ट्रक पर कहीं जा रहा था। इसी दौरान सडक़ पर कथित कुकिंग ऑयल बिखरा होने के कारण उसका ट्रक फिसल गया और वह वाहन पर से नियंत्रण खो बैठा। देखते ही देखते ट्रक पलट गया। हादसे में जतिन को गंभीर चोटें आईं। बाद में चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बॉक्स : पिता करते हैं ड्राइवर का काम, मां का रो-रोकर बुरा हाल साहिल ने बताया कि जतिन 40 लाख रुपये खर्च करके अमेरिका गया था। जतिन के पिता रामपाल यहां ड्राइवर का काम करते हैं, जबकि उसकी मां का नाम रेखा है। बेटे की मौत की खबर से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जिस बेटे को बेहतर जिंदगी की उम्मीद के साथ विदेश भेजा था, उसी की असमय मौत ने माता-पिता को गहरे सदमे में डाल दिया है। परिवार के लिए इस दुख को सहन करना बेहद मुश्किल हो रहा है। गांव सीकरी के सरपंच प्रतिनिधि सतबीर ने बताया कि जतिन की मौत की खबर से शोक का माहौल है। परिवार ने अपने बेटे को बेहतर भविष्य की उम्मीद के साथ विदेश भेजा था, लेकिन एक दर्दनाक सडक़ हादसे ने परिवार के सपनों को हमेशा के लिए अधूरा कर दिया। जतिन की असमय मौत से गांव में हर कोई दुखी है।