संयुक्त किसान मोर्चा हरियाणा की राज्य स्तरीय बैठक रविवार को नरवाना की जाट धर्मशाला में हुई। भारी बारिश के बावजूद प्रदेशभर से बैठक में किसान पहुंचे और सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध दर्ज करवाया। कार्यक्रम की संयुक्त अध्यक्षता बलबीर सिंह, जिया लाल, सुरेश कोथ, रतन मान समेत कई किसान नेताओं ने की। बैठक में स्मार्ट मीटर योजना, कपास पर आयात शुल्क हटाने, औद्योगिक क्षेत्रों के नाम पर किसानों की जमीन अधिग्रहण और बाढ़ प्रभावितों को राहत देने जैसे मुद्दों पर प्रस्ताव पारित किए गए। किसान नेताओं ने कहा कि बिजली एक आवश्यक सेवा है। इसे मुनाफे का क्षेत्र नहीं माना जा सकता। पहले बिजली निगमों में बांटकर निजी हाथों में सौंपी गई और अब प्रीपेड स्मार्ट मीटर योजना लाकर किसानों व आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है। बैठक में संकल्प लिया कि गांव-गांव अभियान चलाकर स्मार्ट मीटरों का विरोध किया जाएगा और इन्हें किसी भी हाल में लगाने नहीं दिया जाएगा। नेताओं ने केंद्र सरकार द्वारा कपास पर आयात शुल्क समाप्त कर इसे 31 दिसंबर तक बढ़ाने के फैसले की भी तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से देशभर के लगभग 60 लाख कपास उत्पादक किसान संकट में आ जाएंगे।