झज्जर। शहर में सफाई को लेकर मंगलवार को प्रशासन व सफाई कर्मचारियों के बीच हुए टकराव के बाद हिरासत में लिए गए कर्मचारी देर रात साढे़ 12 छोडे़ गए। उन सभी को नगर परिषद के बाहर उतार दिया गया। बुधवार को फिर से सुबह धरना शुरू किया गया। परिषद झज्जर से राजेश, नगर परिषद कुरुक्षेत्र से रोहित, नगर निगम करनाल से कुलदीप और सूरजा की हड़ताल स्थल पर मृत्यु के उपरांत पालिका परिषद निगम में श्रद्धांजलि सभा रखी गई,आए और कर्मचारियों को संबोधित किया। धरना स्थल पर बैनर लगाया गया, जिसमें चारों कर्मचारियों की फोटो लगाई गई थी। वहीं नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा व सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर नगर परिषद झज्जर के सभी सफाई कर्मचारी 35वें दिन भी हड़ताल जारी रही। नगर परिषद झज्जर में कर्मचारियों के समर्थन में आए सर्व कर्मचारी संघ से राजेंद्र जुलाना, जिला प्रधान रामवीर, पीडब्ल्यूडी मैकेनिकल वर्कर यूनियन रजिस्टर नंबर 41 से राज्य के उप प्रधान अजय, जिला प्रधान नवीन ओल्हान, कोषाध्यक्ष हरेंद्र, आईबी जगदीश बहादुरगढ़, कमल खेतावास, जगबीर छोछी, जयपाल बेलदार, सुनील कुमार बेरी, ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन से राज्य के कैशियर संदीप, मास्टर राजवीर सिंह आए। इसकी अध्यक्षता इकाई प्रधान शिवम चावरिया ने की। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार कर्मचारियों की मांगों का समाधान नहीं करेगी तब तक यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है बल्कि और भी तेज होगा। उन्होंने कहा कि 13 मई 2026 में संघ व सरकार के बीच हुए समझौते को सरकार लागू करें, फरीदाबाद अग्निकांड में शहीद हुए कर्मचारियों के परिवार को एक-एक करोड़ रुपये व सरकारी नौकरी दी जाए, पैरोल के सफाई कर्मचारी व सीवरमैन को पक्का किया जाए, झज्जर के 2014 में हटाए हुए 61 कर्मचारियों को ड्यूटी पर वापस लो, ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने पर सफाई कर्मचारियों को 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए और ठेका प्रथा बंद किया जाए, सेवानिवृत होने पर कर्मचारियों को 10 लाख रुपये दिए जाएं, सभी पैरोल फायरमैन व चालकों को नियमित किया जाए। इस अवसर पर विकास उज्जैनवाल, इकाई कैशियर गौरव, ऑडिटर कृष्ण, सलाहकार सुरेश, सह सचिव बबली, महिला उप प्रधान कमलेश, प्रचार सुचारक मनीषा, शीतल ,रानी, दया, सुषमा, सुमित्रा, सीमा,अंजू, सुरेश, रविंद्र, विक्रम, नवीन,अमित, मुकेश, विनोद, दुष्यंत, रितु मौजूद रहे।