मेहनत, लगन और मजबूत इरादों के बल पर किसी भी परिस्थिति में सफलता हासिल की जा सकती है। हांसी की काठ मंडी निवासी प्रीति कौशिक ने हरियाणा सिविल सेवा (HCS) परीक्षा में प्रदेशभर में 12वीं रैंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। उनकी यह सफलता इसलिए भी उल्लेखनीय है क्योंकि वह इससे पूर्व बिहार में एसडीएम और हरियाणा में सहायक कराधान अधिकारी (ATO) के पद पर चयनित हो चुकी हैं। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश में असिस्टेंट कमिश्नर जीएसटी के पद पर प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं, लेकिन उन्होंने अपने गृह राज्य हरियाणा में प्रशासनिक सेवा देने के अपने सपने को जीवित रखा है। वर्षों की मेहनत और अनुशासन का परिणाम प्रीति की सफलता के पीछे वर्षों की कड़ी मेहनत और अनुशासन का महत्वपूर्ण योगदान है। उनके पिता मदन लाल कौशिक ने बताया कि प्रीति अपनी पढ़ाई के लिए रात 12 से 1 बजे के बीच उठ जाती थीं और सुबह तक अध्ययन करती थीं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान उन्होंने अपनी दिनचर्या को पूरी तरह से पढ़ाई के अनुकूल बनाया। एक परीक्षा में सफलता मिलने के बाद भी उन्होंने अगले लक्ष्य की ओर बढ़ना जारी रखा। वर्ष 2015-16 में दिल्ली विश्वविद्यालय से रसायन विज्ञान में एमएससी की पढ़ाई पूरी करने के बाद, प्रीति ने यूपीएससी सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लिया। उन्होंने पेटेंट ऑफिसर और जियो साइंटिस्ट जैसी परीक्षाओं में भी लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के चरण तक अपनी जगह बनाई। हरियाणा सिविल सेवा की मुख्य परीक्षा भी उन्होंने कई बार दी। एक बार चयन से मात्र एक अंक से चूकने के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपनी तैयारी को जारी रखा। हरियाणा में सेवा देने की इच्छा प्रीति के ताऊ कृष्ण ने बताया कि प्रीति का बिहार में एसडीएम, हरियाणा में एटीओ और उत्तर प्रदेश में असिस्टेंट कमिश्नर जीएसटी के पद पर चयन हो चुका है। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश में प्रशिक्षण ले रही हैं। HCS परीक्षा में 12वीं रैंक हासिल करने के बाद, अब उनकी सबसे बड़ी इच्छा हरियाणा में रहकर प्रदेश के लोगों की सेवा करने की है। उनका यह सफर उन युवाओं के लिए एक प्रेरणा स्रोत है जो लगातार प्रयास करने के बावजूद सफलता न मिलने पर निराश हो जाते हैं। प्रीति के पिता मदन लाल कौशिक पिछले लगभग 25 वर्षों से काठ मंडी में लकड़ी की आढ़त का व्यवसाय कर रहे हैं। परिवार ने शुरुआती दिनों में सामान्य आर्थिक परिस्थितियों का सामना किया, लेकिन पिता ने कड़ी मेहनत करके बच्चों की पढ़ाई और उनके भविष्य को संवारने का प्रयास किया। परिवार में खुशी का माहौल तीन भाई-बहनों में प्रीति दूसरे नंबर पर हैं। उनकी बड़ी बहन ज्योति कौशिक का हाल ही में पीजीटी कंप्यूटर साइंस के पद पर चयन हुआ है। छोटा भाई रोहित कानून की पढ़ाई पूरी करने के बाद पिता के साथ उनके व्यवसाय में हाथ बंटा रहा है। मां सुशीला देवी गृहिणी हैं। प्रीति की इस शानदार सफलता से पूरे परिवार में खुशी का माहौल है। मां सुशीला देवी ने कहा कि उन्हें अपनी बेटी से बहुत उम्मीदें थीं और प्रीति ने अपनी मेहनत से उन उम्मीदों को पूरा कर दिखाया है, जिस पर उन्हें बेहद गर्व है।