नशे की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए हांसी पुलिस ने नारनौंद क्षेत्र के गांव राजथल में सघन सर्च अभियान चलाया। अभियान के दौरान पुलिस ने खंडहर मकानों, खाली स्थानों और अन्य संदिग्ध ठिकानों की बारीकी से तलाशी ली। पुलिस टीम के साथ डॉग स्क्वायड भी मौजूद रहा। पुलिस अधीक्षक हांसी विनोद कुमार ने बताया कि नशे के खिलाफ पुलिस लगातार अभियान चला रही है। उन्होंने कहा कि गांव राजथल के लोगों और पंचायत प्रतिनिधियों की ओर से भी पुलिस को सहयोग का भरोसा दिया गया है। लगातार पिछले दिनों से राजथल में नशा मुक्ति अभियान चलाया जा रहा है करीब 150 पुलिस जवानों के साथ डोर-टू-डोर सर्च अभियान चलाया गया था। इस दौरान 7 लीटर अवैध शराब बरामद की गई तथा 25 घरों की तलाशी ली गई। दो बिना नंबर की मोटरसाइकिल भी कब्जे में ली गई थीं। एसपी ने बताया कि पिछले छह महीनों में अकेले राजथल गांव में 21 रेड की जा चुकी हैं। इनमें 9 बार डॉग स्क्वायड की मदद से सर्च अभियान चलाया गया। गांव में नशे से संबंधित 4 एफआईआर दर्ज की गई हैं और 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस कार्रवाई के दौरान 2 किलो 514 ग्राम गांजा तथा 15 किलो 15 ग्राम 133 मिलीग्राम हेरोइन बरामद किए जाने की जानकारी भी एसपी ने दी। इसके अलावा पुलिस द्वारा अब तक 58 लोगों को पूछताछ के लिए लिया गया है। राजथल में तीन नाके लगाए गए हैं, जिनमें एक स्थायी और दो अस्थायी नाके शामिल हैं। मोटर व्हीकल एक्ट के तहत 96 चालान भी किए गए हैं। एसपी विनोद कुमार ने बताया कि नशे के कारोबार में संलिप्त दो लोगों शमशेर और रामकुमार की संपत्तियों पर भी कार्रवाई करते हुए उन्हें ध्वस्त किया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्रवाई केवल राजथल तक सीमित नहीं है, बल्कि नशे की समस्या वाले अन्य गांवों में भी लगातार अभियान चलाया जा रहा है। हालिया सर्च अभियान के दौरान पुलिस टीम ने बिना नंबर प्लेट और आवश्यक कागजात के 4 मोटरसाइकिल और एक स्कूटी, कुल पांच वाहनों को कब्जे में लिया। पुलिस द्वारा इन वाहनों के संबंध में दस्तावेजों और अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है। एसपी ने कहा कि ग्रामीणों के सहयोग से राजथल में नशे की गतिविधियों पर काफी हद तक नियंत्रण आया है। उनके अनुसार पिछले एक-दो महीनों से गांव में नशा बेचने से जुड़ी कोई नई घटना सामने नहीं आई है। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। पुलिस की टीमें ऐसे गांवों में नियमित पेट्रोलिंग और सर्च अभियान चलाती रहेंगी। आमजन नशे की बिक्री या किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना पुलिस को दे सकते हैं। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।