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कोकिला कौशिक ने बढ़ाया तीन जिलों का नाम, पेरिस पैरालंपिक 2024 में भी किया था प्रतिनिधित्व

प्रदेश की प्रसिद्ध दृष्टिबाधित पैरा जूडो खिलाड़ी कोकिला कौशिक ने जापान में आयोजित एशियाई पैरा खेल की जूडो स्पर्धा में रजत पदक जीता है। उन्होंने महिलाओं के जे2-52 किलोग्राम वर्ग में यह उपलबि्ध हासिल की है। कोकिला पेरिस पैरालंपिक-2024 में भारत की पहली पैरा जूडो टीम का हिस्सा बनकर इतिहास रच चुकी हैं। उन्होंने जींद, हिसार और भिवानी जिलों का भी मान बढ़ाया है। कोकिला ने इससे पहले वर्ष 2022 में चीन में हुए एशियाई पैरा खेल में कांस्य पदक जीता था। अगस्त 2025 में उन्होंने मिस्र के गीजा में आयोजित जूडो ग्रांड प्रिक्स में स्वर्ण पदक जीता था। वह पैरा जूडो में पहली भारतीय महिला खिलाड़ी हैं जिन्होंने पेरिस, फ्रांस में आयोजित 2024 पैरालंपिक खेलों में भाग लिया। कोकिला का परिवार हिसार के आजादनगर, आदर्शनगर में रहता है। उनके पिता कृष्ण कुमार कौशिक शिक्षा विभाग में शिक्षक हैं। उनका पैतृक गांव हरियाणा के जींद जिले के उचाना उपमंडल में स्थित कसूहन है। हेड कोच और महासचिव मुनव्वर अंजार ने कोकिला की उपलब्धियों पर खुशी जताई है। कोकिला ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का नाम रोशन किया है। प्रमुख खेल उपलब्धियां कोकिला कौशिक ने अपने खेल कॅरिअर में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। एशियाई पैरा खेल (जापान) में उन्होंने महिलाओं के जे2-52 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीता। अगस्त 2025 में मिस्र के गीजा में हुए जूडो ग्रांड प्रिक्स में उन्हें स्वर्ण पदक मिला। पेरिस पैरालंपिक 2024 में वह भारत की पहली पैरा जूडो टीम का हिस्सा थीं। उन्होंने एशियाई पैरा गेम्स 2022 (चीन) में कांस्य पदक भी जीता था। पारिवारिक पृष्ठभूमि कोकिला कौशिक का पैतृक गांव हरियाणा के जींद जिले के उचाना उपमंडल में स्थित कसूहन है। वर्तमान में उनका परिवार हिसार शहर के आजादनगर, आदर्शनगर में रहता है। उनके पिता कृष्ण कुमार कौशिक शिक्षा विभाग में शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं। उनकी तैनाती आजकल भिवानी जिले के सिवानी क्षेत्र में है। कोकिला अपने माता-पिता के साथ रहती हैं। उन्हें अपने परिवार का पूरा सहयोग मिल रहा है। हालांकि इस प्रक्रिया में बेटी के साथ जाने के लिए विभागीय अधिकारियों का सहयोग कम मिल सका। इस कारण विभागीय अनापत्ति लेने के लिए उन्हें मशक्कत करनी पड़ी। जापान में महंगाई के कारण डेढ़ लाख रुपये रोज के किराये में होटल का कमरा लेना भी चुनौती रहा।

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