हिसार। प्रभु श्रीराम की लीलाओं को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली श्री रामलीला कमेटी कटला 10 अक्तूबर से भव्य रामलीला का मंचन शुरू करेगी। पुराना गवर्नमेंट कॉलेज मैदान में आयोजित होने वाली रामलीला की तैयारियां जोर-शोर से जारी हैं। हर रोज रात्रि 8.30 बजे रामलीला शुरू होगी और प्रभु श्रीराम की इच्छा तक जारी रहेगी। 14 अक्तूबर को भव्य झांकियों के साथ श्रीराम की बारात शोभा-यात्रा निकाली जाएगी और 21 अक्तूबर को रामलीला संपन्न होगी। 20 अक्तूबर को इसी मैदान में भव्य आतिशबाजी के साथ पुतला दहन करते हुए 129वां विजयदशमी महोत्सव मनाया जाएगा। कटला रामलीला व विजयदशमी महोत्सव की तैयारियों को लेकर महाराजा अग्रसेन भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में कटला रामलीला के प्रधान विनोद गुप्ता ने बताया कि वृंदावन के ख्याति प्राप्त स्वामी श्री राम वल्लभ शर्मा के सान्निध्य में उच्च कोटि के कलाकार रामलीला का मंचन करेंगे। 12 दिन तक चलने वाली रामलीला व विजयादशमी महोत्सव में प्रदेश के श्रीराम बारात में हिसार विधायक सावित्री जिंदल, पूर्व मंत्री डॉ. कमल गुप्ता, अंजनी कुमार खारियावाले, आदमपुर विधायक चंद्रप्रकाश, महंत पवन कुमार जोशी, मेयर प्रवीन पोपली, राकेश बंसल सहित अन्य उपस्थित रहेंगें। उन्होंने कहा कि कटला रामलीला दशकों से भारतीय संस्कृति, संस्कारों व मर्यादा का संदेश दे रही है। लालटेन की रोशनी से लेजर लाइट तक का सफर.... प्रधान विनोद गुप्ता ने बताया कि 1897 से कटला रामलीला का मंचन निर्बाध रूप से हो रहा है। दशकों से चल रही इस रामलीला ने अनेक उतार-चढ़ाव देखे हैं। किसी दौर में कटला रामलीला का मंचन लालटेन की रोशनी में किया जाता था लेकिन अब रंग-बिरंगी लेजर लाइट्स के साथ भव्य मंचन होता है। श्री रामलीला कमेटी की यही कामना है कि हर नागरिक प्रभु श्रीराम के चरित्र को अपनाकर उनके दिखाए गए मार्ग का अनुसरण करे।इस दौरान सचिव ललित गोयल, कोषाध्यक्ष रमेश कुमार लोहिया, उप प्रधान अनूप बिंदल, सह सचिव राजकुमार जैन, कार्यकारिणी सदस्य विनोद कंसल, राजेश बंसल सहित उपस्थित रहे। --------- रामलीला में दर्शकों के लिए कब क्या रहेगा.. 10 को प्रथम दिवस नारद मोह व पृथ्वी के सबसे पहले मानव के प्रसंग के साथ रामलीला का शुभारंभ 11 को रावण तपस्या, पृथ्वी की पुकार व श्री राम जन्म बधाई 12 को विश्वामित्र आगमन, अहिल्या उद्धार व पुष्प वाटिका 13 को धनुष यज्ञ, सीता स्वयंवर व परशुराम संवाद 14 को श्रीराम विवाह व हनुमान जन्म (रहस्यों से भरा प्रसंग) 15 को श्री राम वन गमन, केवट पर कृपा व भरत का श्री राम से मिलन 16 को लक्ष्मण द्वारा शूर्पणखा नासिक भंजन, सीता हरण व शबरी चरित्र 17 को सुग्रीव मित्रता, बाली वध व लंका दहन 18 को विभीषण शरणागति, रामेश्वर स्थापना, अंगद-रावण संवाद व लक्ष्मण शक्ति का मंचन 19 को कुंभकरण वध, मेघनाद वध, सती सुलोचना प्रसंग व अहिरावण वध 20 को रावण दहन व नाटक मंचन 21 को श्रीराम राज्याभिषेक, रास दर्शन, बृज की लठ मार व फूल होली ---------------