हांसी कांग्रेस नेता पवन गोयल ने भाजपा सरकार के दो साल पूरे होने पर बिजली विभाग के निजीकरण, हांसी में पेयजल संकट, धान खरीद में किसानों की परेशानी और शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर सरकार और स्थानीय विधायक पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस बिजली कर्मचारियों के साथ खड़ी है और यदि 3 नवंबर तक निजीकरण समाप्त करने की दिशा में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो पार्टी कर्मचारियों के समर्थन में बड़ा प्रदर्शन करेगी। पानी की आपूर्ति पर सवाल पवन गोयल ने हांसी शहर और आसपास के गांवों में पानी की आपूर्ति के मुद्दे पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने पूछा कि अब तक भाखड़ा का पानी हांसी क्यों नहीं पहुंचा और चैनत गांव में पानी की आपूर्ति क्यों नहीं हो रही है। उन्होंने विधायक विनोद भयाना के बयानों पर भी सवाल उठाए, जिसमें ढाणी कुतुबपुर में पानी को लेकर अलग बात कही गई थी, जबकि चैनत गांव में पानी न पहुंचने का कारण नेशनल हाईवे से एनओसी न मिलना बताया जा रहा है। उन्होंने यह भी सवाल किया कि यदि नेशनल हाईवे से एनओसी नहीं मिली थी तो निर्माण कार्य किसकी अनुमति से शुरू करवाया गया था। पवन गोयल ने कहा कि चैनत गांव में आंदोलन के दौरान शहर और गांव के लोगों के बीच पानी को लेकर सहमति बनी थी, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। कांग्रेस नेता ने कहा कि हांसी के लोग लंबे समय से यमुना के पानी पर निर्भर रहे हैं। उन्होंने पेटवा डिस्ट्रीब्यूटरी के पूरी क्षमता से न चलने और लोगों को पर्याप्त पानी न मिलने पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि गांवों में पशुओं, ग्रामीण आबादी और किसानों को खेतों की सिंचाई के लिए भी पानी की जरूरत है, ऐसे में यदि शहर के लिए भाखड़ा का पानी लाया जा रहा है तो ग्रामीण क्षेत्रों की जरूरतों को कैसे पूरा किया जाएगा। पवन गोयल ने आशंका जताई कि यदि पानी की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो शहर और गांव, दोनों को इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है। धान खरीद और किसानों की समस्या पवन गोयल ने अनाज मंडियों में धान खरीद और उठान में देरी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को धान बेचने में परेशानी हो रही है और समय पर उठान भी नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि धान में नमी की निर्धारित सीमा 17 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने की मांग पर भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उनके अनुसार, तौल में अंतर और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से कम भाव मिलने के कारण किसानों को प्रति क्विंटल 50 से 150 रुपये तक का नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से किसानों की समस्याओं का समाधान करने की मांग की। शहर की सफाई व्यवस्था पर चिंता कांग्रेस नेता ने हांसी शहर की सफाई व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बारिश के बाद कई इलाकों में तीन-तीन दिन तक पानी जमा रहता है, जबकि एसडी स्कूल क्षेत्र में कथित तौर पर 10-10 दिन तक जलभराव की स्थिति बनी रहती है। उन्होंने कहा कि जमा पानी में सांप दिखाई देने और मच्छरों की भरमार से लोगों को परेशानी हो रही है। शहर में जगह-जगह कूड़ा जमा होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि सफाई व्यवस्था में सुधार की जरूरत है। पवन गोयल ने हांसी के विधायक विनोद भयाना और नगर परिषद के नेतृत्व पर कटाक्ष करते हुए आरोप लगाया कि शहर में विकास कार्यों को लेकर इच्छाशक्ति की कमी दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि शहर में केवल दिखावा हो रहा है, जबकि आम लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा। उन्होंने पानी, सफाई और विकास कार्यों को लेकर विधायक से जवाब मांगा।